18 गांवों के किसानों ने कार्रवाई को लेकर काफी देर तक बवाल काटा। आरोपी दो फर्म संचालकों और उनके परिवार का कोई अता-पता नहीं है। मंडी में संभवत: पहली बार इस तरह की शिकायत आई है। शिकायत मिलने के बाद डीसी ने उन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उधर, पुलिस भी मामले की जांच में जुट गई है। वहीं, आढ़ती एसोसिएशन भी पीड़ित किसानों के समर्थन में उतर आई है।
सुबह चरखी, मानकावास, पांडवान, खेड़ी बूरा, खेड़ी बत्तर, डलानवास, जीतपुरा, मंदाला, गोठडा, घसोला व मानकावास सहित 18 गांवों के किसान मंडी पहुंचे। किसान झूथर सिंह, रामकिशन, धर्मेंद्र, संदीप, राजकुमार, सोमबीर, मांगेराम, रमेश, संजय, शिव कुमार, रोहताश, नरेश ने बताया कि उन्होंने दिसंबर और जनवरी में इन दोनों फर्मों को कपास और अप्रैल में खरीद के दौरान सरसों बेची थी।
उन्होंने बताया कि आरोपी फर्मों ने इनका भुगतान अब तक नहीं किया गया है। गुरुवार को जब मंडी पहुंचे तो उनकी दुकानें बंद मिलीं और किसान लौट गए। शुक्रवार को काफी तादाद में ग्रामीण सुबह करीब 11 बजे मंडी पहुंचे और मार्केटिंग बोर्ड कार्यालय पहुंचे और हंगामा काटा।
वहां कोई अधिकारी नहीं मिला और इकट्ठे होकर टीन शेड के नीचे बैठ गए। इसके बाद मंडी प्रधान रामकुमार रिटोलिया व सांगवान खाप-40 के प्रधान सोमबीर सांगवान मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों को मामले को लेकर डीसी और एसपी से मिलने की बात कही।
दोनों फर्मों के मंडी से भागने की बात सामने आई है। किसानों से बातचीत के बाद अनुमान है कि करीब 500 का 25 से 30 करोड़ की राशि फर्मों पर बकाया है। आढ़ती एसोसिएशन की मांग है कि इन फर्म संचालकों पर प्रशासन को कड़ी कार्रवाई कर किसानों की रिकवरी करानी चाहिए। - रामकुमार रिटोलिया, अनाज मंडी प्रधान
इन फर्मों को किसानों ने प्राइवेट तौर पर अपनी फसलें बेची थीं। इनका हमारे पास कोई रिकॉर्ड नहीं है। गेटपास जारी होने के बाद पांच जून को छह सदस्यीय कमेटी ने 54 किसानों से 1163 क्विंटल सरसों वीडियोग्राफी के साथ खरीदी थी। हमारे पास 80 गेटपास आए थे, जिनमें ई-पोर्टल पर रद्द मिलने पर 24 गेटपास कैंसिल किए गए थे। दोनों फर्मों ने पांच जून को ढेरी नहीं बेची थी। फिलहाल हमारे पास लिखित शिकायत नहीं आई है। - संत कुमार, सचिव, मार्केटिंग बोर्ड
कई गांवों के किसानों के दोनों फर्म संचालक 25 से 30 करोड़ रुपये लेकर चले गए। सांगवान खाप के पदाधिकारी इस संबंध में दो-तीन दिन के अंदर बैठकर कोई निर्णय लेंगे। जिला प्रशासन और सीएम से भी खाप कार्रवाई की मांग करेगी। - सोमबीर सांगवान, सांगवान खाप-40 प्रधान
एक फर्म 40 तो दूसरी दो साल पुरानी
मंडी प्रधान रामकुमार रिटोलिया ने बताया कि एक फर्म दो साल तो दूसरी 40 साल पुरानी है। उन्होंने बताया कि नई फर्म का संचालक दो साल पहले तक गांव-गांव जाकर किसानों से अनाज खरीदता था और शहर में किराये के मकान में रहता था। इसके अलावा उसकी दुकान भी किराये पर थी। वहीं, दूसरी फर्म का संचालक पुरानी मंडी स्थित अपनी दुकान को बेचकर गया है। नई मंडी शुरू होने के बाद से ही यह फर्म चल रही थी।