मोहाली। बच्चों की हत्या के दो अलग-अलग और दिल दहलाने वाले मामलों में मोहाली पुलिस ने दो आरोपियों को दोषी ठहराया है। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि दोनों दोषियों को जज अतुल कसाना की कोर्ट में 6 और 7 नवंबर को सजा सुनाएगी। मोहाली के हाल के इतिहास में बच्चों की हत्या के दो सबसे परेशान करने वाले मामले खत्म होंगे।
पहला मामला :
पुलिस स्टेशन डेराबस्सी में एफआईआर 14 जुलाई 2022 को दर्ज हुई थी। इसमें 11 माह की बच्ची इशिका के लापता होने और हत्या का मामला था। त्रिवेदी कैंप मुबारकपुर निवासी बच्ची की मां रिंकी ने आरोप लगाया था कि उसका पति आकाश मुजफ्फरनगर (यूपी) के कल्याणपुर का रहने वाला है। उसने बच्ची को अगवा कर उसको जान से मारने की धमकी दी थी। एएसआई राजिंदर कुमार और सब इंस्पेक्टर कुलवंत सिंह ने घग्गर नदी के किनारे बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया। इसके बावजूद बच्ची का शव कभी नहीं मिला। हालांकि सीसीटीवी फुटेज और आरोपी के कबूलनामे के आधार पर आकाश को अपहरण और हत्या का दोषी ठहराया गया।
दूसरा मामला :
पुलिस स्टेशन जीरकपुर का है। 13 जून 2022 को मामला दर्ज किया गया था। इसमें देहरादून (उत्तराखंड) के रहने वाले अभिषेक शर्मा को अपने पांच माह के बेटे सार्थक की हत्या का दोषी पाया गया है। पुलिस जांच के अनुसार अभिषेक ने अपनी पत्नी निकिता के साथ घरेलू झगड़े के बाद जीरकपुर के पेंटा होम्स में अपने किराए के फ्लैट में अपने बच्चे का गला घोंट दिया था। अपराध के बाद उसने कथित तौर पर अपनी कलाई काटकर आत्महत्या करने की कोशिश की। इंस्पेक्टर निर्मल सिंह के नेतृत्व वाली जांच टीम ने खून से सनी चादरें, चप्पलें और इस काम में इस्तेमाल किया गया ब्लेड बरामद किया था। अदालत ने कहा कि ये सजाएं न्याय के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दिखाती हैं, खासकर उन मासूम पीड़ितों के लिए जो अपना बचाव नहीं कर सकते। जिला और सत्र न्यायाधीश अतुल कसाना की कोर्ट 6 और 7 नवंबर को दोषियों को सजा सुनाएगी।