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अब पीजीआई में होंगे दो डीन, ये मिलेगा फायदा

Fri, 12 May 2017 09:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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पीजीआई
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रिसर्च में पिछड़ रही पीजीआई में अब दो डीन होेगे। एक के पास शैक्षणिक की जिम्मेदारी होगी जबकि दूसरे रिसर्च का जिम्मेवारी संभालेंगे। शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित गवर्निंग बाडी की बैठक में पीजीआई की ओर से यह प्रस्ताव रखा गया, जिसे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने हरी झंडी दे दी है। वर्तमान में पीजीआई में ओवरऑल डीन का एक पद है। जिनके हवाले पीजीआई की शैक्षणिक जिम्मेवारी है।
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 इस नए फैसले से पीजीआई में रिसर्च को प्रोत्साहन मिलेगा। पीजीआई के पास पब्लिकेशन तो बहुत ज्यादा हैं, लेकिन क्वालिटी रिसर्च कम है।  ऐसा पहली बार है जब रिसर्च के लिए अलग से डीन की नियुक्ति की जाएगी। डायरेक्टर बनने के बाद प्रोफेसर जगत राम ने पीजीआई के रिसर्च सेक्टर को आगे ले जाने की बात कही थी। यह प्रस्ताव उन्हीं के द्वारा तैयार किया गया है।

  पिछले कुछ सालों में पीजीआई रिसर्च के क्षेत्र में काफी पिछड़ गया था। रिसर्च की ग्रांट तक कई-कई महीनों तक लटकी रहती थीं। अब उम्मीद की जाती है कि इससे कुछ बदलाव आएगा। एम्स में दो डीन है। पीजीआई ने अपना प्रस्ताव एम्स की तर्ज पर बनाया था। डीन के लिए सीनियर डाक्टरों के नाम जल्द भेजे जाएंगे। मौजूदा डीन डा. सुभाष जुलाई में रिटायर हो रहे हैं। उम्मीद है कि उससे पहले डीन के नाम पर मुहर लग जाए।
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एमएस को मिली बड़ी राहत

चंडीगढ़ का पीजीआई अस्पताल
पीजीआई मेडिकल सुपरिंटेंडेंट प्रोफेसर एके गुप्ता को बड़ी राहत मिल गई है। गवर्निंग बाडी ने उनके अवैध विदेशी टूर को नियमित करार दिया है। इससे उन पर लगी पेनाल्टी माफ कर दी गई है। पेनाल्टी के तौर पर उन्हें करीब दस लाख रुपये जमा कराने थे। यह मुद्दा साल 2014 का है। तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्द्धन ने उनकी छुट्टी को रद्द कर नेपाल से वापस बुलाने का फैसला लिया था।

लेकिन एके गुप्ता ने हर्षवर्द्धन का आदेश नहीं माना और वे वापस नहीं आए। बाद में गवर्निंग बाडी ने उन्हें चार्जशीट करने के आदेश दे दिया। इसके तहत उन्हें विदेशी टूर में अर्जित की गई राशि का एक तिहाई पीजीआई में जमा कराने का आदेश दिया गया। उन्हें दो बार नोटिस भेजा गया, लेकिन उन्होंने रुपये जमा नहीं कराए। अब उनके टूर को नियमित कर दिया गया है। इससे उन्हें बड़ी राहत मिल गई है। 

ये निर्णय भी लिए गए
1. 32 डाक्टरों की नियुक्ति को मिली हरी झंडी
2. डायरेक्टर की टेंडर इश्यू करने की पावर ढाई करोड़ से बढ़ाकर पांच करोड़ कर दी गई है।
3.रिसर्च के डाटा में हेराफेरी करने वालों पर शिकंजा कसने के लिए बनाए गए नियमों को हरी झंडी दे दी गई है।
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