शुक्रवार को बार काउंसिल ऑफ पंजाब एण्ड हरियाणा की एनरोलमेंट कमेटी ने एडवोकेट्स एक्ट का पालन न करने वाले 2 वकीलों को अनोखी सजा सुनाई है। बार काउंसिल की एनरोलमेंट कमेटी के सदस्य व पूर्व चेयरमेन मिंदरजीत यादव ने बताया कि वकीलों द्वारा एडवोकेट्स एक्ट का पालन न करने की शिकायत मिली थी।
एक वकील ने लाइसेंस लेने के बाद प्रैक्टिस न कुछ अन्य कार्य में लग गया। जांच के लिए मिंदरजीत यादव की अध्यक्षता वाली 3 सदस्यों की एक कमेटी गठित की गई। कमेटी ने अधिवक्ता से उनका लाइसेंस वापस करने तथा होशियारपुर कोर्ट में 250 पौधे लगाने व रेवाड़ी व करनाल की कोर्ट में नि:शुल्क मेडिकल कैम्प लगाने के आदेश दिए।
दूसरे मामले में पाया गया कि एक वकील ने 7 अप्रैल 2015 को बार काउंसिल ऑफ पंजाब एण्ड हरियाणा में अपना पंजीकरण करवाया था। किसी भी वकील को केस लेने से पहले पंजीकरण की आवश्यकता होती है परंतु उपरोक्त अधिवक्ता ने 06.08.2012 को अपने आपको अधिवक्ता बताया था। इस मामले पर भी बार काउंसिल ऑफ पंजाब एण्ड हरियाणा की एनरोलमेंट कमेटी के तीनों सदस्यों ने कड़ा संज्ञान लेते हुए 1 लाख रूपये का जुर्माना लगाया है।
वकील को 50 हजार रुपये बार काउंसिल ऑफ पंजाब और हरियाणा में तथा 50 हजार रुपये पीजीआई भी भर्ती गरीब मरीजों की मदद के लिए देने होंगे। कमेटी के अध्यक्ष मिंदरजीत यादव ने कहा कि कानून सभी के लिए एक समान है। यदि कोई व्यक्ति कानून का ठीक से पालन नहीं करता तो वह सजा का हकदार है फिर वह चाहे कोई भी व्यक्ति क्यों न हो।
उन्होने कहा कि यह एक अनोखा और ऐतिहासिक फैसला है। इससे उन अधिवक्ताओं पर लगाम लगेगी जो अपनी डिग्री व पद का दुरुपयोग करते हैं तथा साथ ही इस सजा से गरीब मरीजों व पर्यावरण को भी काफी लाभ होगा।