चंडीगढ़ से जाने के थोड़ी बाद ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर अपनी यात्रा के दौरान नागरिकों को असुविधा और स्कूलों को बंद किए जाने पर खेद जताया।
वहीं, प्रधानमंत्री के ट्वीट को किसी ने उनका ड्रामा बताते हुए उन्हें केजरीवाल से भी बड़ा ड्रामेबाज करार दिया। वहीं कुछ लोगों ने इस प्रयास की सराहना की और उनके शहर में आने का स्वागत कहा।
ट्विटर पर ये हुई लोगों की प्रतिक्रियाएं
विक्रमजीत सिंह ने मोदी के शहर में आने पर इसे शहर के लोगों के लिए गर्व बताया।
वेद प्रकाश विद्रोही ने कहा कि चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा एक दो रोज पहले से ही शहर के स्कूल और बाजार बंद किए जाने के समाचार आ रहे थे तो इसे पहले क्यों नहीं रोका गया। कार्यक्रम खत्म होने के बाद जांच का ड्रामा क्यों।
बरखा त्रेहान ने कहा, नो प्राब्लम सर।
डॉ. कीर्ति ने कहा, नरेंद्र मोदी गलती मान रहे हैं। सच में अरविंद केजरीवाल ने नेताओं को झुकना सिखा दिया। 2017 पंजाब इलेक्शन भी तो नजदीक है।
मधुलिका काक ने कहा, चंडीगढ़ के लोगों को कोई परेशानी नहीं हुई क्योंकि पुलिस ने बहुत अच्छे से ट्रैफिक कंट्रोल किया। स्कूलों की छुट्टी प्रशासन का फैसला था।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने किया जवाब तलब
प्रधानमंत्री मोदी की चंडीगढ़ यात्रा को बाधा रहित बनाने के लिए स्कूलों की छुट्टी के एक फैसले ने यूटी प्रशासन के सारी तैयारियों पर पानी फेर दिया। मोदी खुश होने की जगह अधिकारियों पर कार्रवाई का फरमान सुना गए।
प्रशासन ने बिना सोचे समझे शहर के सभी 180 प्राइवेट और सरकारी स्कूलों की छुट्टी कर मामले को बिगाड़ दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद मामले में यूटी प्रशासन से नाराजगी और संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब कर कई अधिकारियों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं।
मोदी के ट्वीट के बाद प्रशासन के लिए जवाब दे पाना मुश्किल हो रहा है। उधर, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी अधिकारियों से इस मामले में जवाब तलब किया है। यूटी के अफसरों को अब कोई जवाब नहीं सूझ रहा है।
प्रशासन की किरकिरी, नहीं सूझ रहा जवाब
पीएम की रैली खत्म होते ही दोपहर बाद स्कूलों में छुट्टी पर जवाब तलबी को लेकर एडवाइजर ने सभी अधिकारियों के साथ यूटी सचिवालय में मीटिंग की। प्रशासन डैमेज कंट्रोल की कोशिश में जुट गया। लेकिन देर शाम तक मामला केंद्र सरकार के आला अधिकारियों तक पहुंच गया। अब मामले में यूटी प्रशासन के कुछ अधिकारियों पर गाज गिरनी तय है।
राज भवन में प्रशासक ने ली अफसरों की क्लास
मोदी की नाराजगी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि शाम को यूटी प्रशासक प्रो.कप्तान सिंह सोलंकी ने यूटी एडवाइजर सहित सभी अधिकारियों को तलब कर लिया। मामले को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के पास कोई जवाब नहीं था। सूत्रों के अनुसार अब छुट्टी को लेकर यूटी प्रशासन और बीजेपी नेता एक दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं।
सभी अधिकारियों ने साधी चुप्पी
प्रधानमंत्री की रैली के लिए सभी स्कूलों में छुट्टी और सेक्टर-25 में चार घंटे तक श्मशान घाट बंद करने के मामले में मोदी के गुस्से के बाद अधिकारियों की बोलती बंद हो गई है। शुक्रवार को प्रशासन के किसी भी अधिकारी ने कमेंट करना तो दूर फोन सुनने और एसएमएस से भी जवाब देने से परहेज किया। यूटी प्रशासन के सूचना विभाग के आला अधिकारियों ने भी फोन करने पर मामले में कोई कमेंट नहीं किया।
यूटी प्रशासन की ओर से स्कूलों की छुट्टी किए जाने के मामले में कोई भी कमेंट नहीं दिया गया है। इस मामले में मैं इससे अधिक कुछ नहीं कह सकती।
- स्वाति, एपीआरओ यूटी प्रशासन