चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन की ओर से पूरे साल शिक्षकों के मुद्दों को लेकर कोई बैठक ही नहीं बुलाई गई है। इस कारण शिक्षकों के कई अकादमिक और आवासीय क्षेत्र के मुद्दे अनसुलझे पड़े हैं।
शिक्षकों की आवाज बनने के बजाय (पुटा) एक व्यक्ति विशेष तक ही सीमित होकर रह गई है। ये बातें सोमवार को पीयू में प्रेसवार्ता के दौरान डॉ. अशोक ने कहीं। वें टीचर्स व्यॉइस यूनाइटेड फ्रंट (टीवीयूएफ) की ओर से आगामी पुटा चुनाव के लिए अध्यक्ष पद के उम्मीदवार हैं। टीवीयूएफ शिक्षकों का नया ग्रुप है, जो पहली बार पुटा चुनाव लड़ने जा रहा है।
टीवीयूएफ की ओर से सोमवार को पैनल की घोषणा के साथ घोषणापत्र भी जारी किया। इस दौरान डॉ. सुधीर ने कहा कि पुटा टीम उन उपलब्धियों का श्रेय ले रही है, जो काम शिक्षकों की ओर से किए गए आंदोलन के कारण हुए हैं। संघर्ष के किसी भी चरण में मौजूदा पुटा पैनल की ओर से कोई भी हस्तक्षेप नहीं किया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव लड़ने वाले अन्य दोनों संगठन शिक्षक वर्ग में राजनीति चलाते हैं। इस कारण शिक्षकों का शोषण हो रहा है। डॉ. हरमेल सिंह ने कहा कि सातवें वेतन आयोग का बकाया जारी करने के लिए पिछले 72 दिनों से गांधी भवन पर उनकी टीम शांति प्रदर्शन कर रही है। इस दिशा में कोई प्रयास न करने के कारण उन्हें मैदान में आना पड़ा है।