टीवी पत्रकार भावना किशोर को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत मिलने के एक दिन बाद रविवार को जेल से रिहा कर दिया गया। भावना किशोर और दो अन्य को पंजाब पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार किया था। कथित आरोप है कि उनके वाहन ने एक महिला को टक्कर मार दी थी। इससे उसके हाथ में चोट लग गई थी। रविवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने केंद्रीय जेल लुधियाना के अधीक्षक को जमानत बांड भरने के बाद टीवी रिपोर्टर को रिहा करने का आदेश दिया।
लुधियाना के सहायक पुलिस आयुक्त राजेश शर्मा ने कहा कि भावना किशोर को रविवार शाम जेल से रिहा कर दिया गया। टीवी पत्रकार पर एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किए जाने के बाद कई पत्रकार संगठनों ने पुलिस कार्रवाई की निंदा की थी। एडिटर्स गिल्ड ने कहा कि रिपोर्टर के खिलाफ लुधियाना पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई प्राथमिकी अत्याधिक जल्दबाजी के साथ और अनुचित प्रतीत होती है।
एक बयान में संबंधित चैनल ने दावा किया कि उनके पत्रकार भावना किशोर, कैमरामैन मृत्युंजय और एक ड्राइवर को लुधियाना पुलिस ने लापरवाही से गाड़ी चलाने और अनुसूचित जाति के अपमान करने के आरोप में गिरफ्तार किया। मीडिया संगठन ने आरोप लगाया कि किशोर को कार में किसी भी महिला पुलिसकर्मी की मौजूदगी के बिना पकड़ा गया था। उन्हें कानूनी और टेलीफोन पहुंच से वंचित रखा गया।
पत्रकार ने प्राथमिकी रद्द करने की मांग को लेकर उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। किशोर के वकील चेतन मित्तल ने शनिवार को कहा था कि अदालत ने उन्हें अंतरिम जमानत दे दी है और मामले में सुनवाई की अगली तारीख आठ मई तय की है। पंजाब पुलिस ने कहा था कि टीवी पत्रकार को दो अन्य लोगों के साथ शुक्रवार को लुधियाना में गिरफ्तार किया गया था। उन पर शिकायतकर्ता के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने का भी आरोप लगा। टीवी चैनल ने अपने बयान में कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भागवत मान ने लुधियाना में आयोजित आप के राजनीतिक कार्यक्रम को कवर करने के लिए पत्रकारों को आमंत्रित किया था।