एसीबी पर उठाए सवाल
आईएएस लॉबी का तर्क है कि दोनों ही अधिकारियों को नकद राशि के साथ गिरफ्तार नहीं किया गया, बल्कि दलाल के माध्यम से कड़ी जोड़ते हुए एसीबी उनके पास पहुंची है। उनका कहना है कि भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई से कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन एसीबी नियमों से परे जाकर केवल आईएएस और एचसीएस अधिकारियों को टारगेट कर रही है। उन्होंने सवाल किया है कि क्या आईपीएस और एचपीएस अधिकारी पाक साफ हैं, एसीबी की कार्रवाई पुलिस के आला अधिकारियों पर क्यों नहीं हो रही है? मौजूदा समय में डीजीपी शत्रूजीत कपूर के पास ही एसीबी का चार्ज है।
आईपीएस-एचपीएस पर कार्रवाई को लेकर बढ़ा दबाव
वहीं, सीएमओ (मुख्यमंत्री कार्यालय) में भी इस बात को लेकर सवाल उठाए गए हैं कि आखिर क्या कारण है कि पिछले कई साल में आईपीएस और एचपीएस अधिकारियों का एक भी भ्रष्टाचार का मामला सामने नहीं आया है। ऐसे में लगातार उठ रहे सवालों के बीच एंटी करप्शन ब्यूरो पर अब आईपीएस और एचपीएस अधिकारियों पर कार्रवाई का लगातार दबाव बढ़ गया है।