एसएसपी ट्रैफिक की जानकारी में लाए जाने के एक दिन बाद भी ट्रिब्यून चौक के पास ट्रैफिक व्यवस्था में कोई सुधार नहीं आया।
वीरवार को भी बसें ट्रिब्यून चौक पार कर बस स्टॉप पर रुकने की जगह उससे काफी पहले स्लिप रोड के पास ही रुक कर सवारियां चढ़ा और उतार रही थीं।
बस चालकों की इस मनमानी से पीक ऑवर में रोज की तरह ही जाम की स्थिति बन रही थी। दूसरी ओर बस स्टाप पर सन्नाटा था।
ट्रैफिक पुलिस के आंखें मूंदे रहने से यहां हालत यह हो गई है कि लोग अब स्लिप रोड के पास की जगह को ही बस स्टॉप समझने लगे हैं।
दूसरी ओर हरियाणा रोडवेज के अधिकारियों का कहना है कि वे हरियाणा की बसों को बस स्टॉप पर ही खड़े होने के निर्देश जारी करेंगे।
वीरवार को अमर उजाला की टीम ने मौके का फिर से मुआयना किया। वहां सवारियां से बातचीत की तो कुछ लोगों का जवाब था कि लॉंग रूट की बसों का स्टॉप तो यही है।
यहीं बसें रुकती हैं। बस क्यू शेल्टर तो लोकल बसों के लिए है। इसलिए वे वहां खड़े नहीं होते। ट्रिब्यून चौक के पार स्लिप रोड पर सुबह के समय इतनी ज्यादा भीड़ लग जाती है कि लोगों को गुजरना मुश्किल हो जाता है।
सवारियां उतारने व चढ़ाने के लिए बस स्लिप रोड पर ही रुक जाती है, जिस कारण पीछे से आ रहे वाहनों को गुजरने में काफी समस्याएं आती हैं। कई बार बसें एकसाथ आ जाती हैं तो जाम भी लग जाता है।
तैनात पुलिस वाले का जवाब-मैं क्या करूं
बसों की इस मनमानी को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था जिसके बाद वीरवार को चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस का एक जवान शाम को चार बजे स्लिप रोड के पास अवश्य तैनात किया गया मगर बसें फिर भी बस स्टॉप तक नहीं जा रही थी। उस कांस्टेबल का कहना था कि लोग खुद ही बस स्टॉप छोड़कर यहां आकर खड़े हो जाते हैं तो हम क्या करें।
मैं अक्सर दिल्ली जाता रहता हूं और यहीं से बस पकड़ता हूं। लांग रूट की सारी बसें स्लिप रोड के पास ही रुकती हैं। हमने कभी उन्हें आगे बस स्टॉप तक जाते नहीं देखा। वहां सिर्फ लोकल बसें रुकती होंगी।
-गुरविंदर सिंह, यात्री
मैं अभी छुट्टी पर हूं। कल ऑफिस जाकर इसे चेक करवाता हूं। अगर ऐसा है तो इसमें सुधार किया जाएगा।
रोहताश सिंह, जनरल मैनेजर, हरियाणा रोडवेज, चंडीगढ़