फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चंडीगढ़ः दो साल बाद शुरू हुआ था ट्रिब्यून चौक फ्लाईओवर का निर्माण, एक नोटिस और लग गया ब्रेक

Fri, 03 May 2019 01:59 PM IST
खुशबू गोयल अनुभव अवस्थी, अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
ट्रिब्यून चौक - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
दो साल की लंबी जद्दोजहद के बाद चंडीगढ़ में ट्रिब्यून चौक पर बनने वाले फ्लाईओवर का निर्माण कार्य एक बार फिर थम गया। 700 पेड़ काटने के मामले में पंजाब- हरियाणा हाईकोर्ट से नोटिस मिलने के बाद यूटी प्रशासन ने फिलहाल फ्लाईओवर के निर्माण पर रोक लगा दी है। अब हाईकोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद ही प्रशासन फ्लाईओवर के निर्माण पर निर्णय लेगा।
विज्ञापन


बताते चलें कि 386 करोड़ की लागत से ट्रिब्यून चौक पर पहले चरण में 1.5 किलोमीटर फ्लाईओवर बनना है। जीरकपुर से ट्रिब्यून चौक तक बनने वाले फ्लाईओवर का शिलान्यास बीते मार्च महीने में यूटी प्रशासक और पंजाब के गवर्नर वीपी सिंह बदनौर ने किया था।

प्रशासन की मंशा रही है कि लोगों को यहां लगने वाले जाम से जल्द से जल्द छु़टकारा मिले, इसलिए फ्लाईओवर का निर्माण कार्य एक से डेढ़ साल में पूरा करने के लिए कहा गया है। यही वजह है कि फ्लाईओवर बनाने के काम तेजी से चल रहा है। ट्रिब्यून फ्लाईओवर को बनाने के लिए दक्षिण और पूर्व मार्ग के किनारे लगे 700 पेड़ काटे जाने हैं। फ्लाईओवर बनाने वाली कंपनी की ओर से इन वृक्षों पर निशान भी लगा दिए गए हैं।
विज्ञापन

इसलिए प्रशासन ने लगाई रोक

इतनी अधिक संख्या में पेड़ काटने को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई थी। पेड़ों को काटने को लेकर चीफ जस्टिस कृष्ण मुरारी एवं जस्टिस अरुण पल्ली की खंडपीठ ने प्रशासन को बुधवार को नोटिस जारी किया। नोटिस मिलने के बादप्रशासन सकते में आ गया है। प्रशासक वीपी सिंह बदनौर के सलाहकार मनोज परिदा ने बताया कि जब तक मामला हाईकोर्ट में है, तब तक फ्लाईओवर का फिलहाल निर्माण कार्य रोक दिया गया है। अब हाईकोर्ट की अनुमति मिलने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू हो सकेगा।

हाईकोर्ट में दी गई दलील
याचिकाकर्ता के अनुसार ये सभी 700 वृक्ष शहर में दशकों से हरे-भरे खड़े हैं। यह शहर और इसकी यादों का एक हिस्सा हैं। इन्हें नहीं काटा जाना चाहिए। ये पेड़ शहर के पर्यावरण के लिए बेहद जरूरी हैं। जब पर्यावरण तेजी से दूषित हो रहा है और हवा की गुणवत्ता गिर रही है, उस दौर में इतनी बड़ी संख्या में पेड़ काटना सीधे तौर पर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाना है। प्रशासन का निर्णय शहर के पर्यावरण को बुरी तरह से प्रभावित करेगा जो न तो शहर के लिए अच्छा है और न ही यहां के नागरिकों के लिए।

ऐसे होगा फ्लाईओवर का निर्माण कार्य
ट्रिब्यून फ्लाईओवर पर बनने वाले फ्लाईओवर का निर्माण कार्य दो चरणों में होना है। पहले चरण में ट्रिब्यून चौक की ओर जीएमसीएच राउंड अबाउट के 300 मीटर पहले से रेलवे ब्रिज तक 1.5 किलोमीटर लंबा बनेगा, जबकि दूसरे चरण में चरण में यहां से जीरकपुर फ्लाईओवर तक लगभग पांच किलोमीटर बनना है। पहले चरण में डेढ़ किलोमीटर तक बनने वाले फ्लाईओवर के निर्माण कार्य के लिए बीते मार्च में प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने ट्रिब्यून चौक पर नारियल तोड़कर निर्माण कार्य का शुभारंभ किया था।
विज्ञापन

प्रशासन का दावा केवल 500 पेड़ कटेंगे

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में भले ही याचिकाकर्ता ने 700 पेड़ काटे जाने की बात कही हो, लेकिन प्रशासन का दावा है कि फ्लाईओवर के निर्माण कार्य होने में केवल 500 ही पेड़ काटे जाएंगे। एडवाइजर मनोज परिदा का कहना है कि प्रशासन की ओर से सर्वे कराया गया है। फ्लाईओवर के निर्माण के दायरे में केवल पांच सौ पेड़ ही आ रहे हैं, इसलिए जब भी हाईकोर्ट से अनुमति मिलेगी तो प्रशासन के सर्वे के  अनुसार केवल 500 पेड़ ही काटे जाएंगे।

फ्लाईओवर किरण खेर का ड्रीम प्रोजेक्ट
सांसद किरण खेर की मांग पर 2016 में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ट्रिब्यून चौक पर फ्लाईओवर प्रोजेक्ट को मंजूरी दी थी। 1.5 किलोमीटर फ्लाईओवर के लिए मंत्रालय की ओर से 250 करोड़ रुपये दिए गए थे, लेकिन सांसद किरण खेर की मांग पर गडकरी ने इस राशि को बढ़ाकर 386 करोड़ रुपये कर दी थी। खेर का यह ड्रीम प्रोजेक्ट है, इसके निर्माण को लेकर वह लगातार वह प्रयासरत रही हैं।

एक के बदले लगेंगे 5 पेड़
सांसद किरण खेर का कहना है कि उन्होंने प्रशासन को लिखकर भेजा है कि एक पेड़ कटने के एवज में पांच पेड़ लगाए जाएं। प्रशासन ने उनकी मांग मान भी ली है। प्रशासन का कहना है कि वह शहर की हरियाली बचाए रखने के लिए अधिक से अधिक पेड़ लगाए जाएंगे।

 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें