साधुओं को डेरे में नपुंसक बनाने के मामले में हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। इस मामले में याची ने आरोप लगाए थे कि आश्रम में साधुओं को ईश्वर से मिलाने के नाम पर नपुंसक बनाया जा रहा है। याची ने कहा था कि वह खुद इसका शिकार हुआ है और उसके शरीर में अजीब बदलाव होने लगे हैं।
हाईकोर्ट ने मामले की लंबी सुनवाई के बाद सीबीआई जांच का आदेश दिया था। आदेश के बाद सीबीआई ने जांच शुरू की और निचली अदालत में चार्जशीट पेश कर दी। तब से ये केस पंचकूला की सीबीआई कोर्ट में चल रहा है।
16 फरवरी 2019 को सीबीआई कोर्ट ने इस केस की डायरी और गवाहों के बयानों की कॉपी डेरा मुखी को देने का आदेश दे दिया था। सीबीआई कोर्ट के इसी आदेश को सीबीआई ने हाईकोर्ट में चुनौती दे दी थी। हाईकोर्ट ने तब ट्रायल पर रोक लगा दी थी और अब हाईकोर्ट ने इस मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया है।