जीएमसीएच-32 में बेसिक व एडवांस कार्डिक लाइफ सपोर्ट सिखाने के लिए शुरू किया गया। कोर्स का पहला बैच रविवार को तैयार हो गया।
पहले बैच में पीजीआई सहित कई मेडिकल संस्थानों के डॉक्टर शामिल थे। इस कोर्स को चलाने के लिए जीएमसीएच-32 को अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की ओर से मान्यता मिल चुकी है।
चंडीगढ़ का यह पहला संस्थान है, जिसे इस एसोसिएशन की ओर से मान्यता मिली हो। यह कोर्स मात्र ढाई दिन का है।
इसमें बेसिक व एडवांस्ड कार्डिक लाइफ सपोर्ट की पूरी जानकारी दी जाएगी। पहले बैच की पढ़ाई रविवार शाम पांच बजे खत्म हुई।
कोर्स की शुरुआत शुक्रवार को हुई थी। हेड ऑफ डिपार्टमेंट एनेस्थीसिया व इन्सेंटिव केयर की प्रोफेसर सतिंदर गोम्बार, डॉ. मनप्रीत, डॉ. लाकेश ने बताया कि इस तकनीक को सीखने के बाद उन हजारों मरीजों की जान बचाई जा सकेगी जो अस्पताल पहुंचने से पहले दम तोड़ देते थे।
डॉक्टरों को ट्रेनिंग देने में डॉ. धीरज, डॉ. रिचा और डॉ. वनीता की भी अहम भूमिका रही।
आम आदमी भी ले सकता है ट्रेनिंग
डॉ. मनप्रीत ने बताया कि बेसिक लाइफ सपोर्ट की ट्रेनिंग आम आदमी भी ले सकता है। इसकी फीस मात्र डेढ़ से दो हजार रुपये है।
इसमें सांस व दिल की गति रुकने को पहले तीन मिनट में कैसे पुर्नजीवित किया जाता है, इसके बारे में ट्रेनिंग दी जाती है।
इसके अलावा गले में कोई चीज अटक गई तो उसे कैसे निकाला जाए तो इस बारे में आम आदमी को ट्रेनिंग दी जाती है।
उन्होंने बताया कि पहले यह ट्रेनिंग साल में एक बार में दी जाती थी, लेकिन अब मान्यता मिलने के बाद, तीन से चार महीने में दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि दो सालों के भीतर कई लोगों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है। इसका फायदा भी देखने को मिला है।
जीएमसीएच-32 के डायरेक्टर व प्रिंसिपल प्रो.अतुल सचदेवा ने बताया कि यह कोर्स आम आदमी के अलावा डॉक्टरों के लिए काफी फायदेमंद साबित होगा। इससे कई मरीजों की जान बचाई जा सकेगी।