मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने 1400 मेगावाट की क्षमता वाले राजपुरा थर्मल प्लांट की 700 मेगावाट की पहली इकाई का रविवार को शुभारंभ किया।
इसके साथ ही उन्होंने पंजाब को पावर सरप्लस राज्य घोषित कर दिया। इस मौके पर एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब तेजी से विकास की सीढि़यां चढ़ रहा है।
उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल ने कहा कि पावर सरप्लस होने के साथ ही अब पंजाब अन्य राज्यों को बिजली बेचेगा।
सीएम ने थर्मलप्लांट के नजदीक गांव मिर्जापुर में रैली में कहा कि इस थर्मल प्लांट के चालू होने के साथ ही शिअद-भाजपा की ओर से चुनाव से पहले लोगों से किया गया बड़ा वादा पूरा हुआ है।
इससे पंजाब अनाज की तरह बिजली के क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर होकर देश में अकेला पावर सरप्लस राज्य बन गया है।
उन्होंने कहा कि आज राज्य में निवेश के लिए एक अच्छा माहौल बना है और मोहाली में सोमवार से हो रहे दो दिवसीय प्रोग्रेसिव पंजाब इनवेस्टर समिट के दौरान बड़े स्तर पर निवेश समझौते होंगे और पंजाब देश व विश्व के औद्योगिक नक्शे पर उभरेगा।
बादल ने जन्मदिन पर केक काटा
थर्मल प्लांट के उद्घाटन के तुरंत बाद मंच पर पहुंचे मुख्यमंत्री बादल ने अपने 87वें जन्मदिन पर केक काटा। सुखबीर बादल समेत सभी लोगों ने मुख्यमंत्री को बधाई दी।
सीएम ने कहा कि कांग्रेस ने पंजाब के साथ हमेशा सौतेला व्यवहार किया। उन्होंने फिर पानी, राजधानी और पंजाबी बोली वाले इलाकों का मसला उठाया।
उन्होंने एलएंडटी के निदेशक शैलेंद्र रॉय से कहा कि वे एक स्किल डेवलेपमेंट सेंटर भी यहां खोलें ताकि आसपास के युवाओं की प्रतिभा को निखारा जाए और उन्हें रोजगार मुहैया कराया जा सके।
भाजपा प्रधान कमल शर्मा, शिक्षा मंत्री सिकंदर सिंह मलूका, ग्रामीण विकास मंत्री सुरजीत सिंह रखड़ा, उद्योग मंत्री मदन मोहन मित्तल, वन मंत्री भगत चुन्नी लाल भी इस मौके पर मौजूद रहे।
मार्च में शुरू होगी दूसरी यूनिट
लार्सन एंड टुब्रो के इस थर्मल प्लांट पर 9600 करोड़ रुपये की लागत आई है।
एलएंडटी के पूर्णकालिक निदेशक शैलेंद्र रॉय के मुताबिक प्लांट की 700 मेगावाट की अगली यूनिट मार्च 14 में शुरू हो जाएगी।
कंपनी का यह कोयला आधारित पहला बड़ा पावर प्लांट है जिसे स्पेशल पर्पस व्हाइकिल नाभा पावर लिमिटेड से संचालित किया जाएगा।
शैलेंद्र रॉय ने बताया कि राजपुरा थर्मल प्लांट के लिए कोयले की सप्लाई के लिए साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स से समझौता किया गया है।
प्लांट में हर साल 67.5 लाख टन कोयले की जरूरत होगी। समझौते के तहत एलएंडटी पंजाब को अगले 25 साल के लिए बिजली सप्लाई करेगा।