चंडीगढ़। स्ट्रोक के मरीजों के इलाज को और आसान बनाने के लिए पीजीआई ने पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक) के साथ मिलकर एआई एप पर काम शुरू कर दिया है। इस एप के जरिए जहां मरीजों को तत्काल इलाज उपलब्ध कराने की राह और आसान होगी, वहीं स्ट्रोक के बढ़ते मामलों पर काबू के लिए पब्लिक को भी जोड़ने का प्रयास होगा जिससे जागरूकता और सही जानकारी से स्ट्रोक के बढ़ते मामलों पर अंकुश लगाने में सफलता प्राप्त हो।
पीजीआई के न्यूरोलॉजिस्ट और स्ट्रोक क्लीनिक के संचालक प्रो. धीरज खुराना ने बताया कि स्ट्रोक को लेकर कोविड के बाद टेली स्ट्रोक एप्लीकेशन विकसित किया गया था। इसकी मदद से सबसे पहले जीएमएसएच-16 और फिर तीनों सिविल अस्पतालों को ट्रायल बेस पर जोड़ा गया था। ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा होने पर उसे और विस्तार देने की योजना बनाई गई है। उस योजना को स्वीकृति मिल गई है। इसके अंतर्गत एप की कमियों को चिह्नित कर उसे और बेहतर बनाने का भी प्रयास किया जा रहा है। इसमें पैक के सहयोग से नए सिरे से काम किया जा रहा है।
एप से जोड़े गए सरकारी अस्पतालों में ट्रायल के दौरान प्रशिक्षण कार्यक्रम किया गया था, लेकिन अब नई चीजों को समाहित कर नए स्तर से व्यापक पैमाने पर प्रशिक्षण शुरू किया गया है। प्रो. धीरज ने बताया कि इस योजना के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा अस्पतालों को पीजीआई से जोड़कर कमियों को दूर कर मरीजों को कम से कम समय में इलाज उपलब्ध कराना है। ट्रायल पूरा हाेने के बाद अब जीएमएसएच-16 के साथ ही तीनों सिविल अस्पताल प्रॉपर तरीके से पीजीआई के साथ जुड़ गए हैं।