चंडीगढ़। शहर में एक बार फिर भीषण गर्मी का प्रकोप चरम पर है। आलम यह है कि सुबह नौ बजे से ही त्वचा जलाने वाली धूप निकल जाती है और शाम पांच-छह बजे तक पूरे तेवर में रहती है। मौसम केंद्र के अनुसार ये गर्मी अभी और बढ़ेगी। अगले दो से तीन दिनों में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाएगा। एक हफ्ते के बाद मामूली राहत मिल सकती है।
सोमवार को तीखी धूप के चलते दोपहर के समय कई प्रमुख सड़कें खाली रहीं। बेहद जरूरी कार्य होने पर ही लोग बाहर निकले, लेकिन खुद को पूरी तरह से ढक कर। चंडीगढ़ मौसम केंद्र के अनुसार सोमवार को शहर का अधिकतम तापमान 42.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से चार डिग्री सेल्सियस ज्यादा रहा। न्यूनतम तापमान 25.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस कम रहा। पूरे दिन हीट वेव चली। गर्म हवाओं में लोगों को काफी परेशान किया। हालांकि, गर्मी को लेकर जूस दुकानदार और गन्ना का रस बेचने वालों की चांदी रही। लोग जगह-जगह खड़े होकर गन्ने के रस से अपना गला तर करते देखे गए। मौसम केंद्र के अनुसार महीने के अंत तक मानसून दस्तक दे सकता है। प्री-मानसून एक्टिविटी में भी अभी देरी है, इसलिए लोगों को इस भीषण गर्मी का सामना करना पड़ेगा। इसमें एक हफ्ते या उससे भी ज्यादा का समय लग सकता है। 13 जून से 15 जून के बीच सबसे अधिक गर्मी रहेगी। तापमान के 46 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है।
सड़कों पर दिखा मृगतृष्णा का भ्रम : भीषण गर्मी की वजह से सोमवार को दोपहर के समय सड़कों पर मृगतृष्णा का भ्रम नजर आया। गर्मी के मौसम में जब दोपहर के समय तापमान ज्यादा होता है, तब हमें सड़क पर कुछ ही दूरी पर पानी होने का भ्रम होता है। ऐसा ही भ्रम रेगिस्तान में भी होता है। इसी भ्रम को मृगमरीचिका कहते हैं। गर्मी के मौसम में तेज धूप के वक्त कभी-कभी सड़क पर हमें लगता है कि हमसे बस कुछ ही दूरी पर पानी है।