चंडीगढ़। सेक्टर- 48 के सिविल अस्पताल में नॉन कोविड गंभीर बीमारी से ग्रस्त बच्चों को भर्ती कर इलाज शुरू करने का निर्देश दिया गया है। इसके लिए स्वास्थ्य निदेशक डॉ. अमनदीप कंग ने शुक्रवार को वहां दो एनेस्थेटिस्ट और दो बालरोग विशेषज्ञों की तैनाती कर दी है। वहीं, बच्चों के लिए बनाए गए 15 बेड के आईसीयू में वेंटिलेटर स्थापित कर इलाज की सुविधा शुरू कर दी गई है।
डॉ. कंग का कहना है कि कोविड की तीसरी लहर की तैयारियों के मद्देनजर सिविल अस्पताल- 45 में तैयारी पूरी कर दी गई है। विशेषज्ञ की तैनाती के साथ ही आईसीयू की व्यवस्था बहाल हो गई है। डॉक्टरों को निर्देश दिया गया है कि वहां बच्चों की इमरजेंसी व ओपीडी दोनों चलाई जाए, ताकि आपात स्थिति से पहले वहां इलाज की व्यवस्था पूरी तरह संचालित होने लगे। डॉ. कंग का कहना है कि जब तक कोरोना के मामले नहीं आते तक तक बच्चों की आईसीयू में नॉन कोविड केस भर्ती किये जाएंगे। कोरोना के केस बढ़ने पर उसे कोविड में परिवर्तित कर दिया जाएगा। ऐसा करने से उस क्षेत्र की जनता को सुविधा का लाभ मिलेगा। उन्हें बच्चों के इलाज के लिए यहां-वहां भटकना नहीं पड़ेगा।