इसमें सभी कर्मचारी संगठनों की सर्व सम्मति से हड़ताल की घोषणा कर दी जाएगी। इन्होंने वार्ता विफल होने पर पहले ही हड़ताल पर जाने की चेतावनी दे दी थी। सर्व कर्मचारी संघ के अलावा सभी शिक्षक, मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन व केंद्रीय परियोजनाओं में कार्यरत कर्मचारी भी हड़ताल पर जाने को तैयार हैं। सोमवार सुबह होने वाली बैठक के बाद किसी भी समय सभी विभागों में कामकाज ठप किया जा सकता है। इससे हरियाणा में परिवहन सेवाओं के साथ ही बिजली, पानी, सफाई व स्वास्थ्य सेवाएं भी पटरी से उतर सकती हैं। क्योंकि, कर्मचारियों ने आपात सेवाओं को जारी रखकर अन्य सेवाएं ठप करने का निर्णय अंदरखाने रविवार रात को ही ले लिया है।
अड़ियल रवैया छोड़े सरकार, हालात हो रहे खराब : लांबा
सर्व कर्मचारी संघ के महासचिव सुभाष लांबा ने सीएम मनोहर लाल से आग्रह किया है कि सरकार अड़ियल रवैया छोड़ दे। वार्ता के जरिये रोडवेज हड़ताल खत्म कराई जाए। कर्मचारी संगठन एकजुट हो गए हैं, इससे सरकार का कामकाज पूरी तरह प्रभावित हो जाएगा। सभी संगठन सोमवार से हड़ताल पर जाने की तैयारी में हैं। अगर ऐसा हुआ तो पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
नॉर्थ जोन की रोडवेज यूनियनें समर्थन में उतरी
नॉर्थ जोन के राज्यों के परिवहन कर्मचारियों की यूनियनें हरियाणा रोडवेज की हड़ताल के समर्थन में उतर आई हैं। रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी के सदस्य बलवान सिंह दोदवा ने बताया कि सोमवार को नॉर्थ जोन रोडवेज कर्मचारी एसोसिएशन की बैठक में अन्य राज्यों में भी हड़ताल का निर्णय लिया जा सकता है। सीटीयू पहले ही अपनी बसें हरियाणा में बंद कर चुकी है। सोमवार को पंजाब, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर इत्यादि राज्यों के रोडवेज-निगम कर्मचारी यूनियनें हड़ताल पर जाने का फैसला करेंगी।