सलाहकार विजय देव के अचानक तबादले से भाजपा और उसके नेताओं की शहर में जमकर किरकिरी हो रही है। शहरवासी इसके लिए सिर्फ भाजपा को जिम्मेवार बता रहे हैं और तबादले के कारण जानना चाहते हैं। जबकि कांग्रेस इस मुद्दे को भुनाना चाहती है। इस समय हर कोई सलाहकार विजय देव के अचानक तबादले का कारण जानना चाहता है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि विजय देव की दिन प्रतिदिन शहर में काफी मशहूरी हो रही थी जिसे भाजपा के सीनियर नेता बर्दाश्त नहीं कर पाए। यहां तक भाजपा के कई पार्षद भी विजय देव के तबादले से खुश नहीं है लेकिन खुलकर बोल नहीं पा रहे हैं। पिछले साल सेक्टर-18 के टैगोर थियेटर में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट पर जब लोगों के सुझाव जानने के लिए दरबार बुलाया गया तो उस समय विजय देव के पक्ष में जमकर नारेबाजी हुई थी, जबकि वहां सांसद किरण खेर भी मौजूद थीं।
लोग सांसद की बजाय सलाहकार की प्रशंसा कर रहे थे। सलाहकार विजय देव के तबादले का एक कारण यह भी बताया जा रहा है कि वह जितनी अहमियत भाजपा के नेताओं को देेते थे उतनी ही कांग्रेस को देते थे। इसके साथ ही निजी बिल्डिंग कंपनी के हितों के साथ भी तबादले को जोड़ा जा रहा है। फासवेक के मुख्य प्रवक्ता हितेश पुरी का कहना है कि शहरवासी तबादले का कारण जानना चाहते हैं। केंद्र सरकार के खिलाफ शहरवासियों का रोष बढ़ता जा रहा है। सांसद किरण खेर को भी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
लोगों की उम्मीदों को झटका
इस समय शहरवासियों के खूब काम हो रहे थे जिस कारण प्रशासन की जमकर वाहवाही हो रही थी, लेकिन अब सलाहकार विजय देव के साथ चार आईएएस अधिकारियों के तबादले से लोगों की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। ऐसे में अगर नए सलाहकार और अधिकारी आने पर उन्हें शहरवासियों को खुश करने के लिए ज्यादा संपर्क बढ़ाना होगा अगर ऐसा न हुआ तो भाजपा को इसका नुकसान झेलना पड़ सकता है। मालूम हो कि इस साल के अंत में नगर निगम के चुनाव होने वाले हैं।
गले मिलकर रो पड़े डिप्टी मेयर
डिप्टी मेयर हरदीप सिंह सलाहकार विजय देव से मिले। इस दौरान डिप्टी मेयर ने सलाहकार को गले लगाया तो उनके आसू छलक उठे। इसी तरह से सलाहकार के तबादले के बाद कई शहरवासी उदास हैं।
ऐसे अफसर का तबादला नहीं होना चाहिए: भट्टी
मार्केट कमेटी के चेयरमैन एवं भाजपा के उपाध्यक्ष राम वीर भट्टी का कहना है कि वह और गांव के प्रतिनिधि सलाहकार से पूरी तरह से संतुष्ट थे उनका कहना है कि हालाकि यह प्रशासनिक निर्णय लेकिन ऐसे अधिकारी का तबादला नहीं होना चाहिए था।
अरुण सूद, मेयर ने बताया कि पूरा शहर सलाहकार के कामों से संतुष्ट था। पार्टी इस बारे में हाईकमान से बात कर रही है, क्योंकि तबादले प्रशासनिक फैसले होते हैं।
संजय टंडन, भाजपा अध्यक्ष यूटी ने बताया कि सलाहकार विजय देव से उन्हे कोई शिकायत नहीं है। उन्होंने इस मुद्दे पर पार्टी के सीनियर नेताओं से बात की है। वह इस बात का आश्वासन देते है कि चंडीगढ़ के विकास में कभी कोई बाधा नहीं आएगी। अब काम और तेज गति से चलेगा।
प्रदीप छाबड़ा, कांग्रेस अध्यक्ष, चंडीगढ़ के मुताबिक सलाहकार के तबादले के लिए शहरवासी भाजपा को कभी माफ नहीं करेंगे। सरकार को उभनके तबादले के कारण स्पष्ट करने चाहिए। अधिकारियों के तबादले से शहर केविकास के काम प्रभावित होंगे जिसका खामियाजा भाजपा को भुगतना पड़ेगा।
सुभाष चावला, पूर्व मेयर एवं कांग्रेस नेता ने बताया कि तबादले के लिए सिर्फ सांसद किरण खेर, भाजपा अध्यक्ष और प्रशासक जिम्मेवार हैं। अपने राजनीतिक जीवन में मैंने इनसे बढ़िया अधिकारी कभी नहीं देखा। भाजपा नेता सलाहकार की शहर में बढ़ती प्रसिद्धि को पचा नहीं पाए।