एक तरफ महिलाओं को बराबरी का दर्जा देने के लिए केंद्र सहित विभिन्न राज्य की सरकारें नौकरियों से लेकर निर्वाचित पदों पर 50 फीसदी तक आरक्षण लागू कर चुकी है। वहीं, दूसरी तरफ चंडीगढ़ में पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी की गई तबादला सूची में 16 पुलिस स्टेशन में से एक भी थाने में महिला इंस्पेक्टर को एसएचओ नहीं लगाया गया है।
महिला एसएसपी की कप्तानी के बावजूद सेक्टर-19 थाने और सेक्टर-39 पुलिस थाने की कमान संभाल रही दो महिला इंस्पेक्टरों को थाना प्रभारी के पद से हटा दूसरी विंग्स में ट्रांसफर कर दिया गया। चंडीगढ़ पुलिस विभाग में महिला अधिकारियों को नजरअंदाज करने का आलम तब है जब चंडीगढ़ में देश की सभी यूटी की तुलना में सबसे अधिक महिला पुलिस बल है। थाना प्रभारी का अपने क्षेत्र में पब्लिक डीलिंग, क्राइम रोकने, सीनियर सिटीजन की देखभाल, लॉ एंड ऑर्डर मेंटेंन, पुलिस-पब्लिक की तालमेल बनाने सहित पुलिस विभाग का नेतृत्व करते हैं। शहर के कई मुख्य थानों पर पहले भी कई महिला इंस्पेक्टर की प्रभारी के तौर पर तैनाती रही है, लेकिन इस बार की ट्रांसफर लिस्ट में महिलाओं को नजरअंदाज करने की चर्चा पुलिस महकमे में जोरों पर है।
राष्ट्रीय आंकड़ों से तीन गुना ज्यादा फोर्स
चंडीगढ़ पुलिस विभाग में 33 प्रतिशत महिला फोर्स करने के लिए सभी भर्तियों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत का कोटा निर्धारित किया गया है। सभी यूटी में चंडीगढ़ पुलिस के अंदर सबसे ज्यादा 21.63 महिला फोर्स है। यह आंकड़ा देशभर के पुलिस विभाग में शामिल 7.28 प्रतिशत महिला फोर्स से काफी ज्यादा है। राजधानी दिल्ली में मात्र 8.64 फीसदी, जम्मू और कश्मीर में मात्र 3.05 फीसदी, उत्तरप्रदेश में 3.81 फीसदी और तेलंगाना में 2.47 फीसदी महिलाएं शामिल हैं। केंद्र सरकार चंडीगढ़ पुलिस में महिलाओं की संख्या और बढ़ाने की दिशा में कदम आगे बढ़ाते हुए 232 महिला कांस्टेबलों की भर्ती करने जा रही है। इस पर नोटिफिकेशन जारी की जा चुकी है। साल 2018 के बाद 2023 में 700 पुलिस कांस्टेबल की भर्ती की जा रही है। इसमें से 232 पद महिलाओं के लिए आरक्षित रखे गए हैं।
एक ही महिला डीएसपी को मिली महत्वपूर्ण पोस्टिंग
शहर के पांच सब डिविजनों में से केवल एक ईस्ट डिवीजन में एसडीपीओ के पद पर महिला डीएसपी की तैनाती रखी गई है। वही चंडीगढ़ पुलिस के प्रमुख विंग्स की बात की जाए तो आर्थिक अपराध शाखा में महिला डीएसपी की तैनाती के अलावा क्राइम ब्रांच, डिस्ट्रिक्ट क्राइम ब्रांच सेल, साइबर सेल ऑपरेशन सेल और पुलिस लाइन तक में किसी भी महिला डीएसपी की पोस्टिंग नहीं की गई।
पुलिस विभाग की कमेटी द्वारा थाना प्रभारियों की तैनाती की जाती है। इस बार इंसीडेंटली ऐसा हुआ है। इसके पीछे कुछ ऐसा प्लान नहीं था कि पोस्टिंग न की जाए। शहर के थानों में महिला पुलिस ऑफिसर अच्छे से काम करती आई हैं। हमारे थानों में कई सब इंस्पेक्टर लेडी महिला ऑफिसर हैं जो बहुत अच्छा काम कर रही हैं।
- कंवरदीप कौर, एसएसपी चंडीगढ़