हरियाणा में लगातार बदल रही अफसरशाही के बीच सरकार ने बुधवार को एक बार फिर से फेरबदल किया। इसके तहत बिजली विभाग के दोनों बड़े अधिकारियों को बदलने केसाथ ही आईएएस प्रदीप कासनी को फिर से साइड लाइन किया गया है। बिजली विभाग के अधिकारियों को बदले जाने से साफ है कि बिजली व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट पा रही थी। सोमवार को हुए तबादलों में राजन गुप्ता को बिजली विभाग से हटाया गया था। इसके बाद बुधवार को नितिन यादव का भी तबादला कर दिया गया।
सरकार ने कासनी को वित्त विभाग से हटाकर अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग का निदेशक नियुक्त किया है। सोमवार को जारी सूची में कासनी को वित्त विभाग में सचिव के तौर पर नियुक्ति दी गई थी, लेकिन वित्त विभाग महत्वपूर्ण महकमा है। इस कारण कासनी को फिर से किनारे कर दिया गया। 32 साल की सेवा में कासनी का यह करीब 67 वां ट्रांसफर है।
भाजपा सरकार ने सत्ता में आने के बाद कासनी को गुड़गांव कमिश्नर की कमान सौंपी थी। यहां से हटाकर उन्हें दो माह इंतजार करवाया गया। इसके बाद चिकित्सा शिक्षा का जिम्मा सौंपा। सरकार ने उन्होंने यहां से भी हटाकर नियुक्ति का इंतजार करवाया और फिर पुरातत्व विभाग में लगाया। पुरातत्व के बाद उत्खनन एवं संग्रहालय का काम दिया गया। इसके बाद उन्हें साइंस एंड टेकभनोलॉजी में लगाया। अब उनकी वर्तमान पोस्टिंग अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग का निदेशक नियुक्त किया है।