मोहाली में फंसे दूसरे राज्यों के लोगों को अब जिला प्रशासन ने ट्रेन से भी उनके राज्य में भेजने काम शुरू कर दिया है। इसके मद्देनजर मोहाली से पहली रेलगाड़ी 7 मई को यूपी के हरदोई के लिए रवाना होगी। यह ट्रेन 1188 प्रवासी लोगों को लेकर जाएगी। मोहाली के डीसी गिरीश दियालन ने बताया कि उन्होंने जिले में फंसे लोगों को विश्वास दिलाया कि उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है।
जिला प्रशासन उनकी सेवा में लगा हुआ है। उन्होंने कहा कि गुरुवार को लोगों को लेकर जो पहली ट्रेन हरदोई के लिए रवाना होगी, उसमें 22 डिब्बे रहेंगे। प्रत्येक डिब्बे में 54 यात्री बैठेंगे। डीसी ने बताया कि यह प्रक्रिया अगले 20 दिनों तक जारी रहेगी। शुरू में एक रेलगाड़ी जाएगी और बाद में जरूरत के हिसाब से दो या अधिक रेलगाड़ियां भेजी जा सकती हैं।
रेलगाड़ी को यूपी सरकार की जरूरत के अनुसार शुरू किया गया है। वहीं, यह रेलगाड़ी किसी और राज्य में नहीं रुकेगी। जिससे साफ है कि मोहाली से रेलगाड़ी शुरू होकर सीधे हरदोई (यूपी) जाएगी। डीसी ने बताया कि इस रेल सफर के दौरान यात्रियों को कोई समस्या न आए, इसका भी इंतजाम किया जा रहा है। यात्रियों को मुफ्त खाना दिया जाएगा और पूरा खर्च सरकार उठाएगी। अभी आने वाले समय में जिन राज्यों में ट्रेन जाना है, वहां से मंजूरी मिलने के बाद डीसी की तरफ से रेलवे को कहा गया है।
इसके साथ ही गाड़ियां अलॉट करवाई गई हैं। यात्रियों को एसएमएस करके 8 कलेक्शन सेंटरों में स्क्रीनिंग के लिए सूचित किया जाएगा। जहां से बसों में सवार होकर वह स्टेशन पर जाएंगे। बसें क्रमवार रेलवे स्टेशन जाएंगी। इसके अलावा लोगों को मिले एसएमएस टिकट के रूप में काम करेंगे।
डीसी ने बताया कि गुरुवार को पहली बार यूपी के हरदोई के लिए एक ट्रेन रवाना होगी और अगले दिन दूसरी गाड़ी भी यूपी ही जाएगी। बाकी शेडयूल बाद में तैयार किया जाएगा। डीसी ने लोगों से साफ कहा है कि कोई भी सीधा रेलवे स्टेशन नहीं जाएगा। क्योंकि बोर्डिंग उन्हें मिले एसएमएस संदेशों के माध्यम से ही सख्ती से की जाएगी। यह संदेश आगे न भेजे जाएं और न ही किसी से साझे किए जाएं। क्योंकि रेलवे स्टेशन जाने के लिए बस में चढ़ने से पहले हर व्यक्ति को मिले संदेशों को निर्धारित कलेक्शन सेंटरों पर जांचा जाएगा।
रेलवे स्टेशन पर रहेगी नाकाबंदी
डीसी ने बताया कि सुरक्षा के चलते रेलवे स्टेशन की नाकेबंदी की जाएगी। सिर्फ सरकारी बसों को ही वहां जाने की अनुमति होगी। जिनमें जांच प्रक्रिया से गुजरने वाले और स्क्रीनिंग के बाद ही प्रवासी लोगों को रेलवे स्टेशन पर जाने दिया जाएगा। हालांकि उन्होंने साफ किया है कि पोर्टल में आवेदन करने वाले लोगों को घर भेज दिया जाएगा।