चंडीगढ़। पीयू के मानव संसाधन विकास केंद्र व कंप्यूटर विज्ञान विभाग की ओर से संयुक्त रूप से शिक्षकों के शिक्षण विकास का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कृत्रिम होशियारी यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के महत्व के बारे में बताया गया। डॉ. अनुज शर्मा ने मानव जीवन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के महत्व के बारे में बात की।
उन्होंने कहा कि कृत्रिम होशियारी को वास्तविक जीवन की समस्याओं को हल करने के लिए प्रयोग लेने पर ध्यान देना होगा। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के प्रतिभागी फार्मास्युटिकल साइंस, लॉ, गणित, कंप्यूटर साइंस आदि विभागों से हैं। वीसी प्रो. राजकुमार ने भी कृत्रिम होशियारी पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शोधकर्ताओं को ऐसे कार्यक्रम नई जानकारियां देंगे। आगे भी यह कार्यक्रम होने चाहिए। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सिकंदर कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
मानव संसाधन विकास केंद्र के निदेशक प्रो. एसके तोमर ने कहा कि केंद्र की ओर शिक्षकों के विकास के लिए समय समय पर प्रशिक्षण आयोजित किए जाते हैं। आगे भी कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे। डीयूआई प्रो. आरके सिंगला और डॉ. रोहिणी शर्मा ने भी विचार रखे। उन्होंने विनिर्माण, स्वास्थ्य सेवा आदि क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अनुप्रयोगों के बारे में विस्तार से बताया।