चंडीगढ़। फ्रांसीसी प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार सुबह 7 बजे कजौली वाटर वर्क्स का निरीक्षण किया। इस दौरान चीफ इंजीनियर शैलेंद्र सिंह ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि पूरे शहर में पेयजल आपूर्ति का यह मुख्य केंद्र है। सातों दिन 24 घंटे पेयजल आपूर्ति का प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले यहां की मशीनों को बदलना होगा क्योंकि यहां मशीनें काफी पुरानी हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने अपने पांच दिवसीय दौरे के तीसरे दिन सुबह से ही काम शुरू कर दिया। टीम सबसे पहले कजौली वाटर वर्क्स पहुंची और छह फेज का निरीक्षण किया। उसके बाद टीम नगर निगम के सेक्टर-37 स्थित बिलिंग ब्रांच में पहुंची। यहां बिल बनाने, रीडिंग लेने और लोगों तक बिल पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया को समझा। उसके बाद टीम ने सेक्टर-16 स्थित रोज क्लब में स्थित नगर निगम के शिकायत केंद्र का निरीक्षण किया। इस केंद्र को देखकर प्रतिनिधिमंडल ने काफी खुशी व्यक्त की। उनका कहना था कि इस प्रकार की प्रक्रिया से समस्या का बेहतर तरीके से समाधान किया सकता है। उसके बाद फ्रांसीसी दल नगर निगम पहुंचा। जहां पब्लिक हेल्थ विभाग के एक्सईएन, एसडीओ व अन्य अधिकारियों से मुलाकात की। अंत में टीम वापस स्मार्ट सिटी ऑफिस पहुंची और प्रोजेक्ट पर चर्चा की।
ठेकेदार के लिए तय हो लक्ष्य : फ्रांसीसी दल
फ्रांसीसी दल का मानना है कि इस प्रोजेक्ट को लेने वाले ठेकेदार के लिए लक्ष्य तय होना चाहिए। लक्ष्य के अनुसार ही उसका भुगतान होना चाहिए। लक्ष्य पूरा न होने पर जुर्माने का प्रावधान रखना चाहिए। टीम ने शहर में बिछाए जाने वाले पाइप, कजौली वाटर वर्क्स की मशीनरी, वहां से शहर तक पेयजल आपूर्ति के डाली जाने वाली पाइप, स्मार्ट वाटर मीटर सहित अन्य सामान को लेकर चर्चा की ताकि फ्रांस से आने वाली टेक्निकल टीम के लिए रफ बजट एस्टीमेट तैयार किया जा सके।
कॉलोनी नम्बर-4 जाएगा दल, पार्षदों से होगी चर्चा
वीरवार को फ्रांसीसी प्रतिनिधिमंडल कॉलोनी नम्बर-4 में जाएगा। जहां स्टैंड पोस्ट से पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था देखेगा। उसके बाद यह दल ईडब्ल्यूएस कॉलोनी में पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था देखेगा। उसके बाद स्मार्ट सिटी में एक चर्चा का सत्र आयोजित होगा, जिसमें कुछ पार्षद, मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्य व एनजीओ के सदस्यों से इस प्रोजेक्ट संबंधी सुझाव मांगे जाएंगे। फ्रांसीसी दल इन सुझावों को भी अपने प्रोजेक्ट में शामिल करेगी।