जीरकपुर, मोहाली और पंचकूला से आने-जाने वाली सड़कों पर रोजाना जाम लगना आम बात हो गई है। अब डड्डूमाजरा-मलोया सड़क पर भी ट्रैफिक का काफी दबाव बढ़ गया है। भविष्य में जीरकपुर-पंचकूला वाला हाल न हो जाए इसलिए एक शॉर्ट टर्म प्लान बनाया गया है। साथ ही रेल इंडिया तकनीकी और आर्थिक सेवा (राइट्स) से लांग टर्म समाधान मांगा गया है।
डड्डूमाजरा कॉलोनी, डड्डूमाजरा गांव, मलोया कॉलोनी-गांव और हाउसिंग बोर्ड के स्मॉल फ्लैट्स, धनास पुनर्वास कालोनी, पुलिस कांप्लेक्स, मिल्क कॉलोनी आदि की वजह से डड्डूमाजरा-धनास और डड्डूमाजरा-मलोया रोड पर पिछले कुछ वर्षों में ट्रैफिक कई गुना बढ़ा है। यही वजह से कई बार सेक्टर-25 की लाल बत्ती और धनास पुल के चौराहे पर अब जाम लग जाता है, जबकि कुछ साल पहले यहां ऐसा कुछ नहीं था।
डड्डूमाजरा कॉलोनी की जनसंख्या काफी है। इसलिए कुछ दिन पहले ट्रैफिक पुलिस के एक्सपर्ट और चीफ आर्किटेक्ट की ज्वाइंट टीम ने इलाके का सर्वे किया। इसमें पाया गया कि नए कॉलोनी व घर बनने की वजह से ट्रैफिक बढ़ा है। भविष्य में ट्रैफिक और ज्यादा होगा इसलिए अभी से कोई समाधान ढूंढना होगा। फिलहाल के लिए कहा गया कि डड्डूमाजरा-मलोया रोड पर ब्लिंकर्स-ट्रैफिक साइन और रंबल स्ट्रिप्स लगा देने चाहिए। प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग को इस संबंध में पत्र भी लिख दिया गया है। साथ ही लांग टर्म समाधान पर शहर के लिए मोबिलिटी प्लान बना रहे राइट्स को पत्र लिखकर सुझाव मांगे हैं।
डड्डूमाजरा के एंट्री प्वाइंट पर लाल बत्ती लगाने का सुझाव, टीम ने किया मना
रोजाना सुबह और शाम के समय डड्डूमाजरा के एंट्री प्वाइंट्स पर गाड़ियों के एंट्री और एग्जिस की वजह से जाम लग जाता है। इससे बचने के लिए स्थानीय पार्षद ने एंट्री प्वाइंट्स पर लाल बत्ती लगाने का सुझाव दिया था, जिसे टीम ने सर्वे के बाद खारिज कर दिया है। नाम न छापने की शर्त पर टीम के एक सदस्य ने बताया कि अगर डड्डूमाजरा के एंट्री प्वाइंट पर लाल बत्ती लगा दी गई तो इससे जाम बढ़ जाएगा क्योंकि इसी सड़क पर दो लाल बत्तियां हैं। महज 550 मीटर की दूरी पर एक सेक्टर-25 मोटर मार्केट की लाल बत्ती है। इसके अलावा डेढ़ किमी की दूरी पर मिल्क कालोनी-धनास का लाइट प्वाइंट है। इसलिए यहां फिलहाल लाल बत्ती की जरूरत नहीं है।
चंडीगढ़ में रोजाना अंबाला एक्सप्रेस वे से आता है सबसे ज्यादा ट्रैफिक
पंचकूला और मोहाली जिले से खासतौर पर जीरकपुर की तरफ से रोजाना करीब डेढ़ लाख गाड़ियां शहर में प्रवेश करती हैं। पड़ोसी इलाकों से आने वाले ट्रैफिक में से 78 फीसदी चंडीगढ़ में नौकरी और बिजनेस के सिलसिले में चंडीगढ़ आते हैं। इनमें से करीब 29 फीसदी यात्री 25 किलोमीटर के दायरे में ही रहते हैं। शहर में अधिकतम ट्रैफिक चंडीगढ़-अंबाला एक्सप्रेस वे की तरफ से आता है। इसके बाद पंचकूला-कालका हाईवे, खरड़-कुराली रोड और जीरकपुर-राजपुरा रोड की तरफ से काफी संख्या में लोग-आते हैं। सर्वे में कहा गया है कि सामानों को ले जाने वाले ट्रक की संख्या पंचकूला-रामगढ़ रोड की तरफ से काफी ज्यादा है जिसका प्रतिशत 15.3 फीसदी है। अन्य रास्तों पर तीन फीसदी से 15 फीसदी तक की आवाजाही है।
पैदल यात्रियों के लिए यहां मार्ग बनाने का प्रस्ताव
चंडीगढ़-पंचकूला मार्ग: हाउसिंग बोर्ड चौक के पास
मध्य मार्ग: पंजाब यूनिवर्सिटी व पीजीआई के बीच