नए साल में निर्धारित स्पीड लिमिट से तेज वाहन चलने पर चालान भी कटेगा और उसका सबूत भी चालान के साथ ही चालक को दिया जाएगा। फिर चालक बहाना नहीं बना सकेगा कि वह तो कम स्पीड पर वाहन चला रहा था।
इसके लिए ट्रैफिक पुलिस नए तरह के दो राडार खरीदने जा रही है। इसके लिए जनमार्ग पर ट्रायल हुआ। डीएसपी कमलदीप ने खुद इस सिस्टम की गुणवता को चेक किया।
इसकी रिपोर्ट एसएसपी को सौंपी जाएगी। नए राडार से करीब एक किलोमीटर दूर के आ रहे वाहन की भी गति मापी जा सकेगी। ट्रैफिक पुलिस इन राडारों को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर दो पीसीआर में लगाएगी।
इस प्रकार करेगा काम
पीसीआर के पिछले हिस्से में नए रडार सिस्टम के साथ एक कंप्यूटर (एलसीडी स्क्रीन) और प्रिंटर भी लगा होगा। यह नाके पर ही तैनात होगी। यह एक किलोमीटर दूर से आ रहे वाहन की स्पीड माप लेगा।
चालान के साथ स्पीड की पर्ची भी दी जाएगी। अभी तक यह व्यवस्था है कि नाके से कुछ पहले कर्मचारी छुप कर बैठ जाते हैं।
वे वायरलेस से स्पीड की जानकारी नाके पर तैनात कर्मचारियों देते हैं। नए रडार सिस्टम में पुलिस के पास हर वाहन की स्पीड का डाटा स्टोर रहेगा।
चौक के पास चलें 30 किलोमीटर प्रति घंटा
नई नोटिफिकेशन के अनुसार चौक की चारों दिशाओं में 80 मीटर की दूरी तक वाहन की स्पीड लिमिट 30 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है। इससे अधिक स्पीड पर चलने वाले वाहनों के चालान काटे जाएंगे।