ट्रैफिक पुलिस 31 जुलाई से व्हाट्सएप पर उपलब्ध होगी। व्हाट्सएप के माध्यम से सिटी ब्यूटीफुल के लोग ट्रैफिक जाम, एक्सीडेंट, नो पार्किंग, यातायात नियमों का उल्लंघन या फिर ट्रैफिक पुलिस से संबंधित कोई भी जानकारी ट्रैफिक पुलिस से शेयर कर सकेंगे। ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों को व्हाट्सएप पर मिली तस्वीरों के आधार पर नंबरी चालान भी भेजे जाएंगे।
31 जुलाई को पुलिस की ओर से सेक्टर-29 ट्रैफिक लाइन में एक समारोह का आयोजन भी किया जा रहा है जिसमें गृह सचिव अनिल कुमा, आईजी आरपी उपाध्याय और एसएसपी ट्रैफिक मनीष चौधरी सहित सभी अधिकारी मौजूद होंगे। पुलिस ने 9779580985 नंबर से व्हाट्सएप एप्लीकेशंस से कनेक्ट किया है जो 31 जुलाई से लोगों के लिए खुल जाएगी।
इसमें पुलिस ने ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले चालकों और उनके वाहनों की तस्वीर भी पुलिस को कार्रवाई के लिए भेज सकते हैं। व्हाट्सएप पर आने वाली जानकारियों पर किस तरह से कार्रवाई करनी है इसके लिए विभाग की ओर से अपने कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया है।
व्हाट्सएप का फेसबुक के मुकाबले क्या रहेगा फायदा
ट्रैफिक पुलिस ने फेसबुक पर भी अकाउंट खोला हुआ है, जिसको अभी तक 28 हजार लोग लाइक कर चुके हैं। व्हाट्सएप पर अब वह लोग भी अपनी शिकायत और जानकारी पुलिस को बता सकते हैं जो फेसबुक पर सार्वजनिक तौर पर जानकारी नहीं देना चाहते हैं।
व्हाट्सएप पर पुलिस को दी जाने वाली जानकारी गुप्त रहेगी और फेसबुक के मुकाबले मिनटों में पुलिस के पास जानकारी चली जाएगी। इस समय शहर में मोबाइल पर व्हाट्सएप का प्रयोग काफी बढ़ गया है। फेसबुक पर दी जाने वाली जानकारी और पूछे गए सवालों का जवाब पुलिस देती है।
अब व्हाट्सएप पर ट्रैफिक उपलब्ध होने से लोगों को फेसबुक खोलने की जरूरत नहीं पड़ेगी और वह उनकी जानकारी किसी अन्य को भी पता नहीं चलेगी। एसएसपी ट्रैफिक मनीष चौधरी का कहना है कि व्हाट्सएप की सुविधा बहुत जल्द शुरू हो रही है। इसका ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई करने में काफी मदद मिलेगी और शहरवासी भी सीधा ट्रैफिक पुलिस के साथ जुड़ जाएंगे।
व्हाट्सएप पर ही अधिकारी करते हैं बात
इस समय पूरे शहर के जिम्मेवार पुलिस अधिकारी, डीएसपी और थाना प्रभारियों ने अपने सरकारी मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप पर चालू करवाया हुआ है।
यह सभी अधिकारी आपस में अपराध से संबंधित और अन्य जानकारी शेयर कर रहे हैं। मालूम हो कि पिछले दिनों इंस्पेक्टर यशपाल ने डीएसपी अंजिता चेपियाल के खिलाफ भष्ट्राचार का आरोप लगाते हुए आईजी आरपी उपाध्याय को व्हाट्सएप पर ही शिकायत की गई थी।