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ई-ट्रेडिंग के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर आढ़ती, मंडियों में नेताओं को न घुसने देने का एलान

Wed, 10 Apr 2019 09:04 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कुरुक्षेत्र/चंडीगढ़
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ई-ट्रेडिंग का विरोध
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प्रदेश भर की अनाज मंडियों के आढ़ती मंगलवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का एलान किया है। इनका कहना है कि यदि विरोध के बावजूद सरकार नहीं मानी तो 15 अप्रैल को करनाल में महारैली का आयोजन किया जाएगा।

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दावा किया गया कि इसमें प्रदेश भर से 20 हजार से अधिक आढ़ती शामिल होंगे। आढ़ती लंबे समय से ई-ट्रेडिंग का विरोध कर रहे हैं। इनका कहना है कि ई-ट्रेडिंग से उनका कारोबार खत्म हो जाएगा और वह बेरोजगार हो जाएंगे। 

हरियाणा स्टेट अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन की प्रदेश स्तरीय बैठक मंगलवार को एक निजी होटल में हुई। इसमें अनिश्चितकालीन हड़ताल के अलावा और कई एलान किए गए। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि हड़ताल के दौरान आढ़ती गेहूं सहित अन्य फसलों की खरीद में किसी भी एजेंसी व सरकार का सहयोग नहीं करेंगे।
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अपने-अपने प्रतिष्ठानों को ताला लगाकर प्रशासन को चाबी सौंपेंगे और मंडियों में धरना देंगे। आढ़ती मोटरसाइकिलों पर हर रोज शहर में रोष जूलूस निकालेंगे। साथ ही भाजपा के पदाधिकारी आढ़ती अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री मनोहर लाल को भेजेंगे। यह भी एलान किया है कि चुनाव में भाजपा का किसी प्रकार से सहयोग नहीं किया जाएगा। 

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प्रदेश भर में करीब 300 अनाज मंडियों में 25 हजार आढ़ती

प्रदेश भर में छोटी अनाज मंडियों और खरीद केंद्रों सहित करीब 300 अनाज मंडियां हैं। यहां पर 25 हजार आढ़ती फसल खरीद में सरकारी और निजी एजेंसियों का सहयोग करते हैं। आढ़तियों का कहना है कि ई-ट्रेडिंग से उनका रोजगार छिन जाएगा। 

इस बार आढ़तियों के माध्यम से ही होगी गेहूं की खरीद
आढ़तियों की सभी जायज मांगें सरकार ने पहले ही मान ली हैं। वर्तमान सीजन में गेहूं की खरीद गत वर्षों की भांति आढ़तियों के माध्यम से ही की जाएगी।

किसानों को इसका भुगतान भी आढ़तियों के माध्यम से ही किया जाएगा। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग व राज्य भंडारण निगम अपने जिलाधिकारियों की सहायता के लिए बीसीपीए की सेवाएं पहले की तरह लेते रहेंगे।

आढ़तियों से अपील है कि किसानों के हितों को देखते हुए हड़ताल पर जाने के बजाए फसलों की की खरीद में सरकार को सहयोग करें। सरसों की खरीद में जिन हैंडलिंग एजेंटों को लगाया गया है उनको 40 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से जल्द भुगतान किया जाएगा। - डा. जे गणेशन, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के मुख्य प्रशासक
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