प्रदेश भर में छोटी अनाज मंडियों और खरीद केंद्रों सहित करीब 300 अनाज मंडियां हैं। यहां पर 25 हजार आढ़ती फसल खरीद में सरकारी और निजी एजेंसियों का सहयोग करते हैं। आढ़तियों का कहना है कि ई-ट्रेडिंग से उनका रोजगार छिन जाएगा।
इस बार आढ़तियों के माध्यम से ही होगी गेहूं की खरीद
आढ़तियों की सभी जायज मांगें सरकार ने पहले ही मान ली हैं। वर्तमान सीजन में गेहूं की खरीद गत वर्षों की भांति आढ़तियों के माध्यम से ही की जाएगी।
किसानों को इसका भुगतान भी आढ़तियों के माध्यम से ही किया जाएगा। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग व राज्य भंडारण निगम अपने जिलाधिकारियों की सहायता के लिए बीसीपीए की सेवाएं पहले की तरह लेते रहेंगे।
आढ़तियों से अपील है कि किसानों के हितों को देखते हुए हड़ताल पर जाने के बजाए फसलों की की खरीद में सरकार को सहयोग करें। सरसों की खरीद में जिन हैंडलिंग एजेंटों को लगाया गया है उनको 40 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से जल्द भुगतान किया जाएगा। - डा. जे गणेशन, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के मुख्य प्रशासक