गौरतलब है कि करीब पांच साल पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जींद में मेडिकल कॉलेज की घोषणा की थी। इसके बाद हैबतपुर गांव की पंचायत ने 24 एकड़ जमीन दे दी। करीब चार साल से जमीन दी गई है लेकिन यहां मेडिकल कॉलेज के नाम पर सिर्फ चहारदीवारी ही बन पाई है। कंडेला ने बताया कि इस जमीन से पंचायत को हर साल करीब 10 लाख रुपये की आय होती थी। इस मौके पर छज्जूराम कंडेला, रामफल बाबाल, जयबीर, राममेहर, सुरजमल अहलावत, रामफल नंबरदार, तेलूराम रूपगढ, अनिल, बिंद्र, मोहित, नरेश, सुरेंद्र, सुनील मौजूद रहे।
पराली का प्रबंधन नहीं हुआ तो सड़कों पर डाल देंगे
डीसी डॉ. आदित्य दहिया के समक्ष किसानों ने धान की पराली के मुद्दे को भी उठाया। रामफल कंडेला ने कहा कि सरकार बिना योजना बनाए ही नियम थोप देती है। सरकार को चाहिए कि पहले प्लांट लगाए, जिससे किसान वहां धान की पराली भेज सकें। उन्होंने कहा कि यदि धान की पराली के लिए कोई योजना नहीं बनी तो किसान सड़कों पर पराली डाल देंगे। इसके अलावा यदि कोई अधिकारी जुर्माना वसूली करने आता है तो उसे बंधक बनाया जाएगा।
किसान बोला- नहीं हो रही धान की खरीद, डीसी ने कहा- करवा देंगे
गोहाना रोड पर जब डीसी डॉ. आदित्य दहिया ज्ञापन लेने पहुंचे तो एक किसान ने कहा कि धान की खरीद नहीं हो रही है। जींद की नई अनाज मंडी में कई दिन से धान पड़ा है। इस पर डीसी ने आश्वासन दिया कि वे अधिकारियों को भेज कर समाधान करवा देंगे।