माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (एसटीए) द्वारा समय पर परमिट जारी न किए जाने और फिटनेस सर्टिफिकेट में देरी के विरोध में चंडीगढ़ के टूरिस्ट बस ऑपरेटरों ने कड़ा कदम उठाने का फैसला किया है। बस ऑपरेटरों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे अपनी बसें एसटीए कार्यालय में खड़ी कर उनकी चाबियां अधिकारियों को सौंप देंगे।
बस ऑपरेटरों का आरोप है कि परमिट के नवीनीकरण में हो रही देरी के कारण उनका काम पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। यह समय पर्यटन सीजन का है, जब चंडीगढ़ से हिमाचल प्रदेश के लिए बड़ी संख्या में बुकिंग होती है। लेकिन परमिट रिन्यू न होने या नए परमिट जारी न किए जाने के कारण बसें खड़ी हैं और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। टूरिस्ट बस ऑपरेटर करनवीर सिंह ने बताया कि उन्होंने 20 दिसंबर को परमिट के लिए आवेदन किया था, लेकिन 12 जनवरी तक भी परमिट नहीं मिला।
चंडीगढ़ टूरिस्ट बस एसोसिएशन के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह ने कहा कि कई सदस्यों ने काफी पहले परमिट रिन्यू कराने के लिए आवेदन दिए थे, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। एसोसिएशन के सदस्य रोहित रघुवंशी ने बताया कि उन्होंने चार परमिट के लिए आवेदन किया था, जिनमें से केवल एक ही जारी किया गया, जबकि बाकी तीन अभी भी लंबित हैं।
ट्रांसपोर्टर इंद्रजीत सिंह ने यह भी बताया कि उनका परमिट दो सप्ताह से अधिक समय से पेंडिंग है, जिससे वे पीक सीजन में अपना व्यवसाय नहीं कर पा रहे हैं। बस ऑपरेटरों का कहना है कि एसटीए के रवैये को देखते हुए अब वे इस मामले को लेकर चंडीगढ़ प्रशासक और उपायुक्त (डीसी) को ज्ञापन सौंपेंगे। उन्होंने मांग की है कि परमिट और फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, ताकि पर्यटन सीजन के दौरान बस सेवाएं सुचारु रूप से संचालित हो सकें।