पंजाब में अल्प संख्यकों के अधिकारों के मुद्दे को उठाने वाली यूनाइटेड सिख मूवमेंट ने भाजपा के प्रधानमंत्री पद के दावेदार नरेंद्र मोदी को पंजाब दौरे के दौरान काले झंडे दिखाने का फैसला किया है।
मूवमेंट के नेताओं का मानना है कि मोदी अल्पसंख्यक विरोधी हैं और कांग्रेस भी 1984 के सिख दंगे के कारण बदनाम हो चुकी है।
इसलिए देश में गैर कांग्रेस और गैर भाजपा शक्तियों को मजबूत करने की जरूरत है।
सोमवार को यहां दमदमी टकसाल के पूर्व प्रवक्ता और यूनाइटेड सिख मूवमेंट के अध्यक्ष भाई मोहकम सिंह, चेयरमैन डा. भगवान सिंह संधू, सचिव जनरल गुरदीप सिंह बठिंडा, महासचिव जतिंदर सिंह ईसड़ू और गुरनाम सिंह सिद्धू ने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि मूवमेंट के कार्यकर्ता मोदी की रैली के दौरान मोगा की ओर जाती पांचों सड़कों पर काले झंडे दिखाएंगे।
उनका मक सद मोदी के कार्यक्रम में रुकावट डालना नहीं है, इसलिए रैली स्थल से तीन-तीन किलोमीटर दूर काले झंडे दिखा कर रोष व्यक्त किया जाएगा।
एक सवाल के जवाब में मोहकम सिंह ने कहा कि वे देश में गैर कांग्रेस और गैर भाजपा सरकार के पक्ष में हैं। मोदी को बिना किसी शर्त के हिमायत करके बादल सिखों के हितों को नजरअंदाज कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि मूवमेंट जिला स्तरीय कांफ्रेंस कर चुकी है। अब 30 नवंबर और 1 दिसंबर को फतेहगढ़ साहिब में एक कार्यकर्ता कैंप का आयोजन कर रही है।
इस कैंप का उद्घाटन जनता दल (यू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव करेंगे। कैंप में वे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव को भी आमंत्रित कर रहे हैं।