फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandigarh: चंडीगढ़ में ईवी की धमक, छह माह में सड़क पर उतरे 2932 वाहन; कारण-छोटा शहर और सहूलियत

Fri, 05 Jul 2024 01:24 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

यूटी प्रशासन ईवी नीति लेकर आया था लेकिन पिछले साल भारी विरोध के बाद नीति को वापस लेना पड़ गया था लेकिन ऐसा लग रहा है कि लोगों को कोई फर्क नहीं पड़ा है। नीति नहीं होने के बावजूद ईवी की बिक्री में तेजी आई है।
विज्ञापन
Electric car - फोटो : Freepik
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

चंडीगढ़ में इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीदारी में तेजी आई है। सड़कों पर सामान्य ईवी कारें ही नहीं, लग्जरी ईवी कार भी नजर आने लगीं हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में चंडीगढ़ देश में सबसे आगे है। इसके पीछे कई कारण हैं। 
विज्ञापन


जानकारों का कहना है कि चंडीगढ़ छोटा शहर है। ऑफिस और घर के बीच की दूर ज्यादा नहीं है। ऐसे में लोग पेट्रोल बचाने के लिए ईवी का रुख कर रहे हैं। यहां का इंफ्रास्ट्रक्चर भी देश के अन्य राज्यों से बेहतर है। साथ ही, ग्रीन सिटी में लोग पर्यावरण की सुरक्षा को लेकर भी सजग हैं।

आंकड़ों के मुताबिक, पिछले छह माह में शहर में कुल 2932 इलेक्ट्रिक वाहन बिके। ऑटोमोबाइल एजेंसियां भी ईवी को लेकर सकारात्मक हैं। यही कारण है कि पिछले कुछ समय में कई नई कंपनियों ने चंडीगढ़ में दस्तक दी है। फेडरेशन ऑफ चंडीगढ़ रीजन ऑटोमोबाइल डीलर्स के प्रेसिडेंट और टाटा मोटर्स के डीलर रंजीव दहूजा ने बताया कि चंडीगढ़ में ईवी कामयाब है क्योंकि यह छोटा शहर है। लोगों को अपने काम के लिए या खरीदारी के लिए ज्यादा दूर नहीं जाना पड़ता। एक बार चार्ज करने पर कई दिन गाड़ी चल जाती है, इसलिए चंडीगढ़ के लोग ईवी को पंसद कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि अभी ऑफ सीजन है इसलिए सभी एजेंसियों के पास ईवी उपलब्ध हैं लेकिन त्योहारों के समय गाड़ियां एडवांस बुकिंग पर ही मिलतीं हैं। उन्होंने बताया कि टाटा का ईवी नौ लाख रुपये से शुरु हो जाता है।
विज्ञापन


शहर में हुंडई के डीलर अनूप गुप्ता ने बताया कि इलेक्ट्रिक वाहन शहर के लिए बेहतर हैं क्योंकि चंडीगढ़ के अंदर एक जगह से दूसरी जगह काफी जल्दी पहुंचा जा सकता है। इसके अलावा लोगों में इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है इसलिए भी ईवी गाड़ियां अधिक बिक रही हैं। हालांकि प्रशासन को इलेक्ट्रिक वाहनों के इंफ्रास्ट्रक्चर पर काफी काम करने की जरूरत है। उसके बाद ही लोगों का रुझान भी ईवी के प्रति ज्यादा बढ़ेगा।

सिर्फ मिड रेंज में ही नहीं, लग्जरी के शौकीन भी खरीद रहे ईवी
टाटा मोटर्स की पंच, टियागो, टिगोर, नेक्सन, महिंद्रा एक्सयूवी 400, हुंडई आयनिक 5, हुंडई कोना इलेक्ट्रिक जैसी इलेक्ट्रिक कारें और एसयूवी हैं, जो सड़कों पर नजर आ रही हैं। हालांकि कंपनियां भी लोगों के मूड को भांप रही हैं और नई-नई कारें ईवी में लांच कर रहीं हैं। शहर में सिर्फ मिड रेंज में ही नहीं लग्जरी के शौकीन भी ईवी खरीद रहे हैं।

आरएलए के आंकड़ों के अनुसार, शहर में एमजी मोटर्स की कॉमेट और प्रीमियम इलेक्ट्रिक एसयूवी जेडएस ईवी बिक रही हैं। नई कंपनी सिट्रॉएन ईसी3, बीवाईडी की कारें भी सड़कों पर इन दिनों नजर आ रही हैं। इनके अलावा ऑडी ई-ट्रॉन, बीएमडब्ल्यू आई 7, वोल्वो एक्ससी रिचार्ज, किआ ईवी6 जैसी कई गाड़ियां चंडीगढ़ में बिक रही हैं।

हाइब्रिड को अधिक पसंद किए जाने की कई वजहें
प्रशासन ईवी को बढ़ावा देने के लिए प्रयास कर रहा है हालांकि लोग हाइब्रिड कारों की तरफ भी है। आरएलए के आंकड़े बताते हैं कि पिछले कुछ समय में पेट्रोल हाइब्रिड और स्ट्रांग हाइब्रिड कारों की मांग बढ़ी है। हाइब्रिड को अधिक पसंद किए जाने की कई वजह है। सबसे पहली तो यही है कि शहर ईवी के लिए पर्याप्त इन्फ्रास्ट्रक्चर नहीं है। हाइब्रिड कारों में इंटर्नल सिस्टम के जरिए ही बैटरी चार्ज हो जाती है। यानी बैटरी को अलग से चार्ज करने की जरूरत नहीं पड़ती। हाइब्रिड कारें फ्यूल और बैटरी दोनों से चल सकती है। लिहाजा, बैटरी के चार्ज न होने की स्थिति में पारंपरिक ईंधन से भी गाड़ी चल
सकती है। हालांकि ये महंगी होती हैं।

पिछले छह महीने में चंडीगढ़ में पंजीकृत ईवी
गाड़ी की श्रेणी           जनवरी      फरवरी      मार्च     अप्रैल    मई      जून      कुल

इलेक्ट्रिक(बीओवी)     573        473       626         354   425    419    2870
पेट्रोल/हाइब्रिड           283         211       215      219  215    229    1,372
डीजल/हाइब्रिड           2            6           3         12    11      8        42
प्योर ईवी                  0            0            0         2      24      36        62
स्ट्रांग हाइब्रिड ईवी       0            0            6         23     42     48       119
विज्ञापन


 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें