Haryana Judiciary paper leak case
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हरियाणा सिविल सर्विसेज (ज्यूडिशियल) पेपर लीक मामले में गिरफ्तार सामान्य वर्ग की टॉपर और दिल्ली निवासी एडवोकेट सुनीता की जमानत याचिका जिला अदालत से तीसरी बार भी खारिज हो गई। इस बार सुनीता ने पुलिस द्वारा अधूरा चालान दाखिल करने को आधार बनाते हुए सीआरपीसी की धारा 167 (2) के तहत जमानत याचिका दायर की थी। हालांकि पुलिस की ओर से दायर जवाब और अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनने के बाद एडीजे जेएस सिद्घू ने जमानत याचिका खारिज कर दी।
इससे पहले सुनीता की ओर से दायर जमानत याचिका में दलील दी गई थी कि पुलिस की ओर से दायर चालान अधूरा है। एसआईटी ने कुछ दस्तावेज और अन्य सबूतों को जांच के लिए सीएफएसएल भेजा है। अभी उनकी रिपोर्ट आनी बाकी है। पुलिस ने इन्हें चालान में शामिल ही नहीं किया है तो ऐसे में चालान का कोई आधार नहीं बनता। याचिका के अनुसार चालान में पुलिस ने खुद माना है कि वह मामले में सप्लीमेंटरी चालान दाखिल करेगी।
वहीं, एसआईटी की ओर से दायर जवाब में कहा गया था कि चालान में केवल सीएफएसएल और वॉयस सैंपल की रिपोर्ट आनी बाकी है। नियमों के अनुसार चालान दायर करने के लिए सीएफएसएल और वॉयल सैंपल रिपोर्ट जरूरी नहीं है। पुलिस ने जो चालान दायर किया है वह आरोप तय करने के लिए काफी है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुनीता की जमानत याचिका खारिज कर दी।