लुधियाना नगर निगम चुनावों में वार्डबंदी को लेकर बैंस ब्रदर्स द्वारा दाखिल की गई याचिका पर जवाब दाखिल करते हुए पंजाब सरकार ने कहा कि चुनाव की नोटिफिकेशन हो चुकी है और ऐसे में अब इस याचिका का कोई औचित्य नहीं है। इसी बीच बैंस ब्रदर्स की तरफ से एक एप्लीकेशन दाखिल कर बताया गया कि सरकार ने जो सर्वे सौंपा है वह संभव ही नहीं है क्योंकि सर्वे में कई वार्ड में जनसंख्या से ज्यादा वोटर दिखाए गए हैं। हाईकोर्ट ने अर्जी को रिकार्ड पर लेकर सुनवाई 9 फरवरी तक टाल दी।
बैंस ब्रदर्स की ओर से कहा गया कि लुधियाना नगर निगम के वार्ड की डीलिमिटेशन ठीक से नही की गई है। सर्वे के मुताबिक साउथ लुधियाना की जितनी पापुलेशन दिखाई गई है उस हिसाब से वहां 3 नही 5 वार्ड बनने चाहिए थे। इसके साथ ही आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए कहा गया कि वार्ड संख्या 29 में जनसंख्या 20465 है जबकि वहां वोटर 22663 बताए गए हैं। वहीं वार्ड संख्या 31 में जनसंख्या 20887 है जबकि वोटर 29478 दिखाए गए हैं।
हाईकोर्ट ने सोमवार को एप्लीकेशन को रिकार्ड पर ले लिया और बहस के लिए 9 फरवरी की तिथि निर्धारित कर दी। याचिका में लोक इंसाफ पार्टी के बैंस ब्रदर्स द्वारा लुधियाना में होने जा रहे नगर निगम के चुनाव के लिए की गई वार्डबंदी को हाई कोर्ट में चुनोती दी गयी है। पिछली सुनवाई में सरकार ने जो सर्वे दिया वो नई लिस्ट से मेल नही खाता था। नए सर्वे में 8 हजार से ज्यादा लोगों के नाम नही है। चुनाव के लिये कुल 95 वार्ड बनाए गए।