छोटी-छोटी बीमारियों में दवा लेना या आयुर्वेदिक व यूनानी दवा का ज्यादा इस्तेमाल किडनी के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है।
यह कहना है पीजीआई के नेफ्रोलॉजी डिपार्टमेंट के हेड प्रो. केएल गुप्ता का। प्रो. गुप्ता ने बताया कि इसके शुरूआती कोई लक्षण नहीं होते।
जब किडनी 70 प्रतिशत खराब हो जाती है तब इसका असर शरीर पर दिखने लगता है। इसलिए ऐसी परेशानी से बचने का तरीका है कि जागरूक रहें।
सबसे ज्यादा किडनी डायबिटीज और हाईपरटेंशन की वजह से खराब होती हैं। आयुर्वेदिक व यूनानी दवा खाने से जब भूख लगती है तो लगता है इलाज सही चल रहा है, लेकिन यही दवा किडनी को धीरे-धीरे खराब कर देती है।
जब किडनी 80 प्रतिशत खराब हो जाती है तब लोग इलाज के लिए अस्पताल पहुंचते हैं। ऐसे में इसका इलाज सिर्फ ट्रांसप्लांट ही बचता है। डायलिसिस एकमात्र रास्ता है, लेकिन काफी महंगा है और ज्यादा दिन तक यह प्रक्रिया मरीज के लिए खतरा पैदा कर सकती है।
किडनी को प्रभावित करने वाले कारण
1. पेशाब आने पर करने न जाना
2. रोज 7-8 गिलास से कम पानी पीना
3. बहुत ज्यादा नमक खाना
4. हाई बीपी के इलाज में लापरवाही बरतना
5. शुगर के इलाज में कोताही
6. बहुत ज्यादा मीट खाना
7. ज्यादा मात्रा में पेनकिलर लेना
8. पर्याप्त आराम न करना
9. सॉफ्ट ड्रिंक्स और सोडा ज्यादा लेना
10. स्मोकिंग
किडनी की बीमारी से बचने के उपाय
1. दिन की शुरूआत पानी से करें। खूब पानी पीये।
2. रोज एक्सरसाइज करें।
3. 35 के बाद साल में एक बार ब्लड प्रेशर और शुगर की जांच करवाएं।
4. ब्लड प्रेशर व डायबिटिज होने पर हर छह महीने पेशाब व खून की जांच करवाएं।
5. दवाओं का बिल्कुल भी प्रयोग न करें।
6. बुजुर्गों को कलर एक्सरे से बचना चाहिए
शुरूआती लक्षण
1. पैरों और आंखों के नीचे सूजन
2. चलने पर जल्दी थकान और सांस फूलना
3. रात में बार-बार पेशाब आना
4. भूख न लगना और हाजमा ठीक न रहना
5. खून की कमी से शरीर पीला पड़ना
पीजीआई में दो साल में तीन गुना बढ़े मरीज
बीमारी व इलाज-2012-13--2010-11
किडनी-19793--13906
डायलिसिस-8698--5038
ट्रांसप्लांट-185--167
किडनी की कराएं मुफ्त जांच
पीजीआई की ओर से किडनी के प्रति जागरूक करने के लिए एक अभियान चलाया जा रहा है। प्रो. केएल गुप्ता के मुताबिक 13 मार्च को न्यू ओपीडी में सुबह साढ़े नौ से दो बजे तक मरीजों का फ्री चेकअप किया जाएगा। इसमें ब्लड शुगर, यूरिन टेस्ट, किडनी फंक्शन टेस्ट व बीपी का चेकअप किया जाएगा।
इसके अलावा किडनी डिसीज, डायबिटीज, हाइपरटेंशन, रीनल रीप्लेसमेंट थैरेपी और डिसीज डोनर के बारे में विस्तार से बताया जाएगा। यह कार्यक्रम एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर के आडिटोरियम में शाम पांच से छह बजे तक होगा। इसमें हिस्सा लेने के लिए 2756731 व 2756212 पर कॉल कर सकते हैं।