राबर्ट वाड्रा लैंड डील मामले की जांच के लिए हरियाणा सरकार ने जांच आयोग का गठन कर अपनी पीठ तो थपथपा ली, लेकिन मामले की जांच अभी शुरू भी नहीं हुई कि सोशल मीडिया पर पक्ष और विपक्ष के नेताओं के बीच ट्वीट युद्ध छिड़ गया है।
शुक्रवार को जब राबर्ट वाड्रा ने हरियाणा सरकार की ओर से जांच आयोग का गठन किए जाने पर अपनी प्रतिक्रिया सोशल मीडिया के जरिए दी तो प्रदेश की भाजपा सरकार के मंत्रियों ने मोर्चा संभाल लिया। राबर्ट वाड्रा ने सोशल मीडिया पर कहा कि वे इससे खुश हैं और इससे सच्चाई सामने आ जाएगी।
इसके जवाब में बेबाक बयानबाजी के लिए चर्चा में रहने वाले प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने ट्वीट कर यहां तक कह दिया कि वाड्रा मजबूर हैं। यह तो आर्टिफिशियल खुशी है। इसे अंग्रेजी में केमोफ्लेजिंग कहते हैं, जिसमें इंसान अपनी पीड़ा छुपाने के लिए जानबूझकर चेहरे पर मुस्कान ले आता है।
प्रदेश के कृषि मंत्री ओपी धनखड़ ने सधी हुई प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह जहां भी जाते थे, मीडिया यही सवाल करता था कि वाड्रा लैंड डील की जांच कब होगी। अब इस सवाल का जवाब आ चुका है। उधर, कांग्रेस नेता कैप्टन अजय यादव ने कहा है कि वाड्रा प्रकरण में कोई सच्चाई नहीं है। इस जांच में कुछ भी नहीं मिलेगा।
बीजेपी बैठक में छाए रहे वाड्रा
भारतीय जनता पार्टी के छह माह पूरे होने के अवसर पर आयोजित प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में शुक्रवार को वाड्रा लैंड डील मामला छाया रहा। बैठक में मौजूद पूरी सरकार के सामने ज्यादातर नेताओं ने वाड्रा मसले पर ही चर्चा की। वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि जस्टिस ढींगरा के नेतृत्व में जांच आयोग वाड्रा मामले में दूध का दूध पानी का पानी करेगा। उन्होंने कहा कि पिछले 10 साल के शासनकाल में एक एक इंच जमीन घोटाले की जांच हरियाणा सरकार कराने जा रही है।