आम आदमी पार्टी के सांसद भगवंत मान ने कहा कि टोल प्लाजा पर लोगों को लूटा जा रहा है। सड़कों का निर्माण करना सरकारों की ड्यूटी है तो फिर लोगों से जबरी पैसे क्यों वसूले जा रहे हैं।
जब हम वाहन खरीदते हैं तो उस वाहन की रजिस्ट्रेशन करवाते समय रोड टैक्स हमसे भरवा लिया जाता है लेकिन जब उसी वाहन को लेकर सड़क पर जाते हैं तो दोबारा टोल के नाम पर टैक्स क्यों लिया जाता है। भगवंत मान ने कहा कि आरसी बनवाते समय जो रोड टैक्स लिया जाता है, वह किन सड़कों का होता है, सरकार उन सड़कों का नक्शा जारी करे। सांसद ने कहा कि वे टोल टैक्स को बंद करवाने के लिए संसद में दलीलों व सबूतों सहित जोरदार आवाज बुलंद करेंगे।
भगवंत मान ने कहा कि लोगों से सड़कों का डबल रोड टैक्स लिया जा रहा है। सांसद ने कहा कि कई रूटों पर तो सात-सात, आठ-आठ टोल पड़ जाते हैं। इसका बोझ सीधे तौर पर जनता पर पड़ता है क्योंकि किराए के वाहन वाला चाहे वह ट्रक हो या टैक्सी वाला, उसने टोल प्लाजा के पैसे बीच में लगाकर किराया लेना है।
मान ने कहा कि सूबे में कई रूट ऐसे हैं जहां गाड़ी का तेल तो 500 रुपये का फूंकता है और टोल प्लाजा भी 500 रुपये ही पड़ जाता है, ऐसे में भला गाड़ी वाले क्या करें।
सांसद मान ने बादल परिवार पर कटाक्ष करते कहा कि टोल प्लाजा बादलों ने अपने फायदे के लिए लगा रखे हैं ताकि लोग अपनी गाड़ियां छोड़कर उनकी बसों में सफर करें। किसी भी राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर देना सरकारों की जिम्मेवारी है।
विदेशों में क्या है टोल प्लाजा की नीति
आम आदमी पार्टी के सांसद भगवंत मान ने कहा कि विदेशों में भी टोल टैक्स लगता हैं लेकिन वहां टोल टैक्स जबरी नहीं वसूला जाता। वहां साथ में लोगों के लिए विकल्प रखा गया है। दो सड़कें होती हैं, एक पर टोल प्लाजा पड़ते हैं और दूसरी पर नहीं।
अगर आपने भीड़ से मुक्त होकर जाना है तो टोल प्लाजा वाली सड़क पर अपनी मर्जी से जा सकते हो और अगर आपने आम चलती रोड से जाना है तो उस पर टोल टैक्स नहीं होता। यानी आपसे जबरदस्ती टोल टैक्स नहीं वसूला जाता। यह आपकी मर्जी है कि आपने टोल टैक्स वाली सड़क से जाना है या बिना टोल टैक्स वाली सड़क से, लेकिन जहां तो टोल टैक्स हर हालत में देना ही होगा।