पंजाब यूनिवर्सिटी देश का ऐसा पहला शिक्षण संस्थान होगा, जहां ट्रांसजेंडर के लिए अलग से टॉयलेट बनाया जाएगा। खास बात है कि पीयू में सिर्फ एक ही ट्रांसजेंडर स्टूडेंट है। इस काम को करवाने के लिए धनंजय मंगलामुखी ने पीयू से मांग की और इसे अंजाम तक पहुंचाया भी।
धनंजय के मुताबिक इसके बाद अब वे ट्रांसजेंडर के लिए फीस कम करने के लिए भी आवाज उठाएंगी। ट्रांसजेंडर धनंजय मंगलामुखी के पास सोशल वर्क में मास्टर डिग्री है और फिलहाल पीयू से मास्टर इन ह्यृमन राइट्स कर रही हैं। पीयू में दाखिला लेकर पढ़ाई करने का मकसद है कि समाज के हित के लिए काम कर सके।
सुप्रीम कोर्ट ने 2014 में ट्रांसजेंडर को तीसरा दर्जा दिया गया था। पिछले साल धनंजय ने पीयू प्रबंधन को एक पत्र लिखकर एक ट्रांसजेंडर टॉयलेट बनवाने की मांग की।