सीबीआई के शिकंजे के बाद नगर निगम सेलवेल को दोबारा टेंडर देने का प्रस्ताव रद्द करने जा रहा है। नगर निगम की पब्लिक हेल्थ विंग ने टेंडर रद्द करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
सूत्रों के अनुसार बीते बुधवार को एक्सईएन पब्लिक हेल्थ ने नया टेंडर रद्द करने की फाइल सुपरिटेंडिंग इंजीनियर आरसी दीवान को भिजवा दी है।
बताते चलें कि शहर के 86 पब्लिक टॉयलेट की देखरेख के लिए नगर निगम ने सेलवेल कंपनी को सितंबर 2007 में टेंडर दिया था। उनका कांट्रैक्ट 2012 में खत्म हो गया। उसके बाद निगम ने पिछले साल जून 2013 में दोबारा टेंडर निकाला। इस बार भी सेलवेल ने ही सबसे कम रेट भरा।
सूत्रों के मुताबिक इस बार भी उक्त कंपनी को फायदा पहुंचाने की कोशिश की गई और ऐसी शर्तें शामिल की गईं कि कोई दूसरी कंपनी क्वालिफाई नहीं कर पाई।
सेलवेल को दोबारा टेंडर देने का भाजपा पार्षदों ने विरोध किया। अब कंपनी का एक्सटेंशन पीरियड 31 मार्च को भी खत्म हो गया और अब निगम ने नए टेंडर को रद्द करने का फैसला लिया है।
एफएंडसीसी और हाउस ने किया था पास
जून 2013 में हुए टेंडर के बाद सेलवेल को दोबारा टेंडर देने पर एफएंडसीसी ने सहमति जता दी थी। इसके बाद निगम हाउस ने भी कंपनी को दोबारा टेंडर देने का एजेंड पास कर दिया था। नए टेंडर को लेकर सीबीआई के पास शिकायत आने पर मामले की जांच शुरू हुई।
पार्षद भी शक के दायरे में
सूत्रों की मानें तो कंपनी को दोबारा टेंडर देने का समर्थन करने वाले पार्षद भी सीबीआई के शक के दायरे में हैं। फरवरी में हाउस की मीटिंग में सेलवेल को दोबारा टेंडर देने का एजेंडा पास हुआ था। यह एजेंडा पार्षदों की वोटिंग पर पास हुआ था। हालांकि कमिश्नर वीपी सिंह ने इसका विरोध किया था। उस दौरान 13 पार्षदों ने कंपनी को दोबारा टेंडर देने के हक में वोट किया था।
21 के बाद होगी कार्रवाई
इस मामले की जांच कर रहे सीबीआई के डीएसपी आरएस गुंज्याल ने बताया कि अगली कार्रवाई 21 अप्रैल के बाद ही होगी। वे 11 अप्रैल से छुट्टी पर हैं और 20 अप्रैल को ज्वाइन करेंगे। इसके बाद ही अगली जांच शुरू होगी। फिलहाल नगर निगम अफसर सीबीआई के सवाल तैयार करने में लगे हुए हैं।