जिला प्रशासन की तरफ से फरवरी के पहले हफ्ते में 3635 सैंपल लिए गए थे। उसमें से 142 केस कोरोना संक्रमण के सामने आए थे। पॉजिटिव रेट चार फीसदी था। जबकि दूसरे और तीसरे हफ्ते में चार हजार से अधिक सैपल लिए गए। इस दौरान 190 केस पॉजिटिव आए थे। जब आंकड़े बढ़ने लगे तो फरवरी में प्रशासन ने सैंपलिग बढ़ाई, यह आठ हजार कर दी गई। वहीं, अब रोजाना 1800 से सैंपल लिए जा रहे हैं।
निजी अस्पताल तैयार, एल-वन सेंटर स्थापित
कोरोना के प्रकोप के बाद जिले के निजी अस्पतालों में इलेक्टिव सर्जरी टालने के लिए हिदायत दी गई। एडीसी आशिका जैन ने बताया कि अस्पतालों को कहा गया कि वह अपने बेड कोविड मरीजों के लिए तैयार रखे। उन्होंने बताया कि गत साल पीक स्थिति में प्राइवेट अस्पतालों ने अच्छा रोल निभाया था।
मोहाली के अस्पतालों में केवल मोहाली ही नहीं बल्कि ट्राइसिटी, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के मरीजों को भी नया जीवन दिया था। ऐसे में अस्पतालों में बेडों की क्षमता बढ़ाई जा रही है। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में एल-1 सेंटर दोबारा खोला जा रहा है। वहीं, जिन्हें केवल आइसोलेशन की जरूरत है, उनके लिए सौ बेड की क्षमता वाला सेंटर घंडूआं में है। डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ व अन्य चीजों का इंतजाम किया जा रहा है।
कोई भी फ्रंटलाइन वर्कर करवा सकेगा कोरोना टीकाकरण
जिले में कोई भी व्यक्ति जिसने कोरोना महामारी के दौरान फ्रंटलाइन वर्कर के रूप में काम किया है। साथ ही उसकी उम्र 45 साल से कम है। वह भी टीकाकरण करवा सकता है। उन्होंने बताया कि जिले के सिविल अस्पताल में जाकर वह इस संबंध में जानकारी कर सकता है। वहीं, होटलों और क्लबों वालों को कहा गया कि उन्हें यहां इनडोर में सौ से ज्यादा और आउटडोर प्रोग्राम में दो सौ से ज्यादा लोग नहीं जुटने चाहिए। इसकी जांच के लिए टीमें गठित कर दी है जो कार्रवाई करेगी।