नगर निगम के एक्सईएन विजय प्रेमी भी कोरोना संक्रमित मिले हैं। रविवार शाम को विजय प्रेमी और उनकी पत्नी की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें घर में क्वारंटीन किया गया। इससे पहले चीफ इंजीनियर शैलेंद्र सिंह व उनकी पत्नी कोरोना संक्रमित पाई गई थीं। विजय प्रेमी कोरोना टीके की पहली खुराक लगवा चुके हैं।
उन्हें 23 मार्च को दूसरी खुराक लगनी थी। संक्रमित मिलने के बाद अब उन्हें दूसरी खुराक नहीं दी जाएगी। बता दें कि चीफ इंजीनियर भी कोरोना टीके की दोनों खुराक लगवाने के बाद संक्रमित मिले थे। वहीं, टीके की पहली खुराक लगवाने के अगले ही दिन एक्सईएन अजय गर्ग कोरोना संक्रमित मिले थे।
प्रशासन ने बनाए पांच नए कंटेनमेंट जोन
यूटी प्रशासन ने सोमवार को पांच नए कंटेनमेंट जोन बनाए हैं। इन इलाकों में किसी के भी आने-जाने पर रोक रहेगी। यूटी प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा की ओर से जारी आदेश के अनुसार सेक्टर-34बी के मकान नंबर-1113 और 1114, सेक्टर-38डी के 3044 से 3046, सेक्टर-46 के 1129 से 1132, सेक्टर-49बी के 1121 से 1125 और सेक्टर-63 के मकान नंबर-2009डी से 2012डी, 2009ई से 2012ई तक को कंटेनमेंट जोन घोषित किया है। इन इलाकों में अनिवार्य सेवाओं में लगे लोगों को छोड़ अन्य किसी के भी जाने पर पाबंदी रहेगी। इसके अलावा लोगों की स्क्रीनिंग भी की जाएगी।
केंद्र सरकार ने कोरोना टीके की दूसरी खुराक की समय सीमा में संशोधन कर दिया है। अब लाभार्थी 4 से 8 हफ्ते के बीच टीके की दूसरी खुराक लगवा सकते हैं। इससे पहले चार से छह हफ्ते के बीच दूसरी खुराक लेने का निर्देश था। स्वास्थ्य निदेशक डॉ. अमनदीप कंग ने बताया कि केंद्रीय सचिव राजेश भूषण ने 22 मार्च को सभी प्रदेशों के स्वास्थ्य निदेशकों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। इसमें कहा गया है कि नए अध्ययन से यह साबित हुआ है कि टीके की दूसरी खुराक चार से 8 हफ्ते के बीच कभी भी लगवाई जा सकती है।
51 केंद्रों पर 1889 को लगाया गया टीका
कोरोना टीकाकरण अभियान में सोमवार को शहर के 51 केंद्रों पर 1889 लाभार्थियों ने टीका लगवाया। इसमें 162 स्वास्थ्य कर्मियों ने पहली खुराक व 225 ने दूसरी खुराक लगवाई। वहीं, अग्रिम पंक्ति के 161 कर्मचारियों ने पहली व 282 ने दूसरी खुराक ली, जबकि 45 से 60 साल के बीच के 167 गंभीर मरीजों ने कोरोना का पहला टीका लगवाया। वहीं, 60 साल से ज्यादा उम्र के 892 लाभार्थियों को कोरोना टीके की पहली खुराक लगाई गई।