चंडीगढ़। फीसों से संबंधित शिकायतों की सुनवाई के लिए बनाई गई फीस रेगुलेटरी अथॉरिटी की सोमवार को इस वर्ष की पहली बैठक होगी। इसमें अधिकारी पिछले दो महीनों में परिजनों की ओर से दी गई 900 से अधिक शिकायतों और पहले की पेंडिंग शिकायतों पर चर्चा कर फैसला लेंगे। लॉकडाउन के दौरान प्राइवेट स्कूलों की तरफ से फीस बढ़ाकर वसूलने, ट्यूशन फीस के अलावा अतिरिक्त चार्ज लेने और नॉन एनसीईआरटी किताबें स्कूल परिसर से महंगे दामों में खरीदने को लेकर सैकड़ों परिजनों ने इस बार मिलकर प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ मोर्चा खोला है।
ये सदस्य लेंगे फैसले
कमेटी के कुल सात सदस्य परिजनों की शिकायत पर फैसला लेंगे। इनमें एजुकेशन सेक्रेटरी बतौर चेयरपर्सन, डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन बतौर मेंबर सेक्रेटरी, डिप्टी डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन बतौर मेंबर, डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिसर बतौर मेंबर शामिल हैं। इनके अलावा तीन नॉमिनेटेड सदस्य असिस्टेंट कंट्रोलर एफएंडए सीमा शर्मा , पूर्व डायरेक्टर एनसीईआरटी प्रोफेसर किश्न कुमार और पूर्व असिस्टेंट डायरेक्टर शिव कुमार शर्मा शामिल हैं।
51 स्कूलों को भेजे कारण बताओ नोटिस पर लिया जाएगा फैसला
शिक्षा विभाग की ओर से 26 मई को 51 प्राइवेट स्कूलों को बैलेंस शीट और इनकम की जानकारी नहीं उपलब्ध करवाने के लिए कारण बताओ नोटिस भेजा था। हालांकि उस दौरान विभाग ने स्कूलों को जवाब के लिए सिर्फ एक हफ्ते का समय दिया था। लेकिन बाद में 3 जून को केवल ट्यूशन फीस लेने और इस सेशन की फीस नहीं बढ़ाने के आदेशों के साथ विभाग ने स्कूलों को 15 जून तक का समय दे दिया। जिन स्कूलों ने बैलेंस शीट अभी तक अपलोड नहीं की है और शिक्षा विभाग के अब तक फीस इत्यादि को लेकर भेजे गए आदेशों का उल्लंघन किया है उन स्कूलों पर कार्रवाई की जाएगी।
परिजन ऐसे करें शिकायत
शिकायतकर्ता को शिकायत पत्र के साथ सेल्फ अटेस्टेड एफिडेविट अपने नाम और पते के साथ संलग्न करना होता है। इस एक्ट के द्वारा आई हुई हर शिकायत की 15 दिनों के अंदर रेगुलेटरी कमेटी की ओर से जांच की जाती है। शिकायतकर्ता अपनी शिकायत फीस रेगुलेटरी कमेटी के मेंबर सेक्रेटरी रुबिंदरजीत सिंह बराड़ को दे सकते हैं।