रिश्वत लेना पाप है, पर देना उससे बड़ा अपराध। कानूनी पचड़े में फंस सकते हैं, कई साल की जेल की सजा हो सकती है। नहीं जानते नियम, तो यहां क्लिक कीजिए।
पंजाब सतर्कता ब्यूरो ने भ्रष्टाचार रोकथाम (संशोधन) अधिनियम, 2018 द्वारा किए गए संशोधनों के सावधानीपूर्वक अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए एक कार्यशाला का आयोजन किया। सतर्कता ब्यूरो के सभी फील्ड अधिकारियों ने इस कार्यशाला में भाग लिया। कार्यशाला के दौरान सतर्कता ब्यूरो के अधिकारियों ने पीसी अधिनियम, 1988 में निहित संशोधनों पर पीसी (संशोधन) अधिनियम, 2018 के रूप में चर्चा की।
यह खुलासा करते हुए मुख्य निदेशक-सह-एडीजीपी सतर्कता ब्यूरो बीके उप्पल ने कहा कि यदि रिश्वत देने वाला सतर्कता एजेंसियों को रिश्वत दिए जाने के सात दिन के भीतर मामले की रिपोर्ट नहीं करता है तो उसे रिश्वत देने के इल्जाम में अब सात साल कारावास की सजा हो सकती है। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति को रिश्वत देने के लिए मजबूर किया गया है और उसने इस मामले की कानून प्रवर्तन प्राधिकरणों को सात दिन के भीतर रिपोर्ट कर दी है तो उस पर रिश्वतखोरी का आरोप नहीं लगेगा।