चंडीगढ़। शहर को स्वच्छ और साफ-सुथरा बनाए रखने के लिए नगर निगम चंडीगढ़ ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट बायलॉज-2018 में बड़ा संशोधन किया है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 के दिशा-निर्देशों के तहत अब खुले में शौच और खुले में पेशाब करना लिटरिंग की श्रेणी में शामिल कर दिया गया है। नगर निगम ने इस संबंध में सार्वजनिक नोटिस जारी कर आम लोगों को नए नियमों की जानकारी दी है। नगर निगम के अनुसार यह संशोधन केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (एमओएचयूए) की गाइडलाइंस के अनुरूप किया गया है। निगम प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छता के उच्च मानकों को बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।
नए नियमों के तहत यदि कोई व्यक्ति नगर निगम क्षेत्र में खुले में शौच करते हुए पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। निगम द्वारा तय प्रावधानों के अनुसार ऐसे मामलों में 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा, जबकि 9,500 रुपये प्रशासनिक शुल्क के रूप में वसूले जाएंगे। इस तरह प्रत्येक उल्लंघन पर कुल 10 हजार रुपये की पेनल्टी देनी होगी। नगर निगम ने शहरवासियों से अपील की है कि वे सार्वजनिक और सामुदायिक शौचालयों का उपयोग करें तथा शहर को स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग दें। निगम अधिकारियों का कहना है कि सिटी ब्यूटीफुल की पहचान बनाए रखने के लिए नागरिकों की भागीदारी बेहद जरूरी है।