चंडीगढ। अपने ज्ञान कौशल और सोच को बेहतर बनाने के लिए देश के नियमों का पालन करने के साथ-साथ नई चीजें सीखना जरूरी है। इसके साथ ही सामाजिक जिम्मेदारियों को समझना और अपने व्यवहार को समय के अनुसार ढालना हाेगा। यह बात सेक्टर-24 के अणुव्रत भवन के तुलसी सभागार में मनीषी संत मुनिश्री विनय कुमार आलोक ने रविवार को सभा को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि सफलता प्राप्त करने के लिए आपको लगन व मेहनत से नाता जोड़ना पड़ेगा तभी आपको अपनी मंजिल मिलेगी। अपने आपको बदलने के लिए तैयार हो जाइए। इस मौके पर मुनि सुधाकर, मुनि नरेश कुमार और मुनि अतुल कुमार ने रविवारीय प्रवचन दिए।
मुनि सुधाकर ने प्रवचन में कहा कि जीवन में निखार लाना है तो अपने को अनुशासित करें। इससे जीवन खुशनुमा हो जाएगा। यह बदलाव आपकी आदतों में होगा, आपकी दिनचर्या में होगा।
मुनि नरेश ने कहा कि जीवन में कभी हार नहीं माननी चाहिए। हर दिन नई ऊर्जा व उत्साह लेकर आता है। जो युवा जोखिम नहीं लेते ऐसे युवाओं को बदल पाना बेहद मुश्किल है। मुनिश्री अतुल कुमार ने कहा कि अनुशासन, नीम के पत्ते की तरह है, मिजाज कड़वा लेकिन खून साफ करता है। अनुशासन प्रिय व्यक्ति भी नीम के पत्तों की तरह होता है।