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अब ट्रेन की पटरी में लहराएगा तिरंगा, खास तरह डिजाइन की गई ट्रेन, ये हैं खूबियां

Fri, 10 Aug 2018 09:43 AM IST
निरंजन कुमार राणा, अमर उजाला, यमुनानगर (हरियाणा)
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तिरंगा एक्सप्रेस
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लोगों में देश प्रेम की भावना और ऐतिहासिक विरासतों को संजोकर रखने के मकसद से तैयार की गई तिरंगा एक्सप्रेस 15 अगस्त से आम लोगों के लिए चलाई जाएगी। जगाधरी वर्कशॉप में तैयार कर आठ डिब्बों वाली इस ट्रेन को उत्तर रेलवे को समर्पित कर दिया गया है। उत्तर रेलवे ने इसका शेड्यूल भी फाइनल कर दिया है। खास बात ये है कि इस ट्रेन को रेवाड़ी लोको शेड में मौजूद स्टीम इंजन से चलाया जाएगा। 
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ट्रेन में लोग जनरल टिकट लेकर यात्रा कर सकेंगे। यह यात्रा लगभग 11 किलोमीटर की होगी। इस ट्रेन को चलाए जाने से लोगों को देश में स्टीम इंजनों के गौरवशाली इतिहास के बारे में भी पता लग सकेगा। फिलहाल तिरंगा एक्सप्रेस 15 अगस्त से हर रविवार को गढ़ी हरसरू स्टेशन से फर्रुखनगर स्टेशन के बीच 11 किमी तक चलेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस ट्रेन को हरी झंडी दिखा सकते हैं। ट्रायल रन सफल होने पर अन्य रूट पर दौड़ाया जाएगा। 
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तिरंगा एक्सप्रेस
लहराता नजर आएगा तिरंगा
जगाधरी वर्कशॉप के मैनेजर अकील अहमद ने बताया कि इस ट्रेन के सभी कोच पर विशेष तरह की विनायल रेपिंग की गई है। छुक-छुक करती जब यह ट्रेन पटरी पर दौड़ेगी तो तिरंगा झंडा हवा में लहराता हुआ दिखाई देगा। वर्कशॉप में करीब दो सौ कर्मचारियों ने 12 दिन तक लगातार मेहनत की इसे तैयार किया है। यह ब्रॉड गेज पर चलेगी और इसके लिए दो पावर कार भी भेजी गई है। ताकि कोच में बिजली व्यवस्था सुचारु रहे।

बॉयो टॉयलेट्स, सारे जनरल कोच
इसमें हवाई जहाज की तर्ज पर बॉयो टॉयलेट्स लगाए गए हैं। इनमें पानी की खपत कम होगी और गंदगी पटरियों पर नहीं बिखरेगी। सारे जनरल कोच हैं और प्रत्येक कोच में 72 लोगों की सीटिंग होगी। 
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आजाद हो सकता है इंजन

तिरंगा एक्सप्रेस को अंतिम रूप देते कर्मचारी
आजाद भारत के पहले पैसेंजर स्टीम इंजन ‘आजाद’ से तिरंगा एक्सप्रेस चलाई जा सकती है। इसका तकनीकी नाम डब्ल्यूपी 7200 है। इस इंजन को अमेरिका से मंगाया गया था। इसे 1947 में अमेरिका से आयात किया गया था। इसलिए इस इंजन का नाम ‘आजाद’ रखा गया।  यह 2011 तक रेलवे की मुख्य लाइन पर यात्रियों को सेवा देता रहा है। 

अधिकतम स्पीड 90 किमी, फिल्मों की शूटिंग भी हुई
इसकी अधिकतम स्पीड एक घंटे में 90 किलोमीटर है। हालांकि इसे अब इस स्पीड पर नहीं चलाया जाता।  ‘आजाद’ स्टीम इंजन पर कई फिल्मों को भी शूट किया गया है। इन फिल्मों में से मुख्य फिल्में हैं ‘रंग दे बसंती’, ‘गुरु’ और ‘राइफलमैन जसवंत सिंह रावत’ के नाम शामिल हैं। 

तिरंगा ट्रेन को तैयार कर दिल्ली डिवीजन को भेज दिया गया है। अब वहां कुछ सजावट का काम किया जाएगा। कम समय में काफी मेहनत से ट्रेन तैयार की गई है। -आरके सेंगर, चीफ मैनेजर, जगाधरी रेलवे वर्कशॉप 
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