फोर्टिस ब्लूम आईवीएफ सेंटर ने नई तकनीक शुरू की है। जो इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन के तहत बेहतर परिणाम देगी। यह स्वस्थ बच्चे को जन्म देने में सहायक होगी।
इस नॉन इन्वेसिव डिजिटल माइक्रोस्कोप टाइम लैप्स तकनीक से मल्टी प्रेग्नेंसी की आशंका खत्म हो जाएगी। जो आईवीएफ की एक बड़ी खामी रही है।
यह जानकारी सेंटर के गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. ऋषिकेश पाई ने शनिवार को प्रेस कांफ्रेंस में दी। डॉ. पाई ने बताया कि कई बार महिलाओं के गर्भ में दो-तीन भ्रूण एक साथ इंप्लांट किए जाते हैं।
जिससे ट्विन या ट्रिपलेट पैदा होते हैं। परंतु नई तकनीक से भ्रूण की क्वालिटी का पता चलेगा, उसके मुताबिक डॉक्टर उन्हें ट्रांसफर कर सकेंगे। इस तकनीक से आईवीएफ की सफलता में 18 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है।
डॉ. पूजा मेहता ने बताया कि इस तकनीक से सही भ्रूण की पहचान हो सकेगी। प्री-मेच्योर डिलिवरी नहीं होगी। इस तकनीक की बदौलत डॉक्टरों के लिए भ्रूण के विकास को समझना आसान हो गया है।