ग्रेटर मोहली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) एक बार फिर अपनी बिल्डिंग बचाने में कामयाब रहा है। शनिवार को जिला अदालत में सेक्टर-81 के लिए एक्वायर हुई जमीन के मामले की सुनवाई हुई।
इस दौरान गमाडा ने दलील रखी कि 65 करोड़ रुपये सेंशन हो गए हैं। उन्हें अगली तारीख तक जमा करा दिया जाएगा। अदालत ने केस की अगली सुनवाई 22 नवंबर-2013 रखी है।
सेक्टर-81 के लिए एक्वायर की गई जमीन के मालिकों द्वारा दायर मुआवजे के केस की सुनवाई शनिवार को जिला अदालत में हुई।
इस दौरान गमाडा ने दलील रखी कि किसानों को भुगतान के लिए एक दिन पहले ही 65 करोड़ रुपये सेंशन हो चुके हैं। अगली तारीख पर वे पैसे जमा करा दिए जाएंगे। इसके बाद अदालत ने गमाडा को राहत देते हुए केस की अगली सुनवाई 22 नवंबर-13 को रखी है।
गौरतलब है कि गमाडा ने 2007 में सेक्टर-81 को बसाने के लिए 276.25 एकड़ जमीन एक्वायर की थी। इसमें गांव चिल्लां, मौली बैदवान एवं कुंभड़ा की जमीन एक्वायर हुई थी।
इस जगह पर गमाडा ने नॉलेज सिटी विकसित करने की योजना थी। लेकिन गमाडा ने किसानों को बनता मुआवजा नहीं दिया था। मुआवजे की राशि तीन सौ करोड़ रुपये से ज्यादा बनती है।
जब मुआवजा नहीं मिला, तो किसानों ने कोर्ट की शरण ली। सुनवाई के दौरान अदालत ने आदेश दिया था कि अगर गमाडा के पास मुआवजा अदा करने को पैसे नहीं है तो अपनी बिल्डिंग बेच कर दे।
इसके बाद गमाडा ने पचास करोड़ रुपये जमा कराए थे। पिछली सुनवाई के दौरान गमाडा ने दलील रखी थी कि उनके पास स्टाफ की कमी है। इस कारण किसानों की जमीन से संबंधित रिकॉर्ड की जांच करने में कमी आ रही है।