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रामलाल पर कसा शिकंजा : 150 करोड़ की संपत्तियों का ब्योरा न दे पाने पर ईडी कर सकती है संपत्ति अटैच

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चंडीगढ़। पांच करोड़ की धोखाधड़ी में गिरफ्तार फाइनेंसर व प्रॉपर्टी डीलर रामलाल चौधरी की संपत्तियों की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुरू कर दी है। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में रामलाल की 150 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों के खुलासे के बाद मामला ईडी के पास गया था। जांच में गड़बड़ी पाए जाने पर ईडी रामलाल की संपत्तियों अटैच कर सकती है।
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उधर, रामलाल का सात दिन का पुलिस रिमांड वीरवार को खत्म हो गया। अब एसआईटी शुक्रवार को रामलाल को अदालत में पेश करेगी। इस दौरान एर्सआईटी पंचकूला के पूर्व जिला राजस्व अधिकारी से 6 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में पूछताछ के लिए अदालत से रिमांड बढ़ाने की मांग कर सकती है। वहीं, गुरुग्राम के बिजनेसमैन से पांच करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में भी पुलिस अभी रामलाल से पूछताछ करना चाहती है।
रामलाल चौधरी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। रामलाल के खिलाफ पुलिस के बाद अब ईडी और आयकर विभाग की तलवार भी लटकने लगी है। पुलिस की ओर लिखे पत्र में कहा गया है कि संपत्ति की जांच के साथ ही ईडी रामलाल के करीबियों की भी जांच करे ताकि इतनी बड़ी संपत्ति बनाने में सहयोग करने वालों की भी जानकारी हो सके।
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बुधवार को पंचकूला के पूर्व जिला राजस्व अधिकारी नरेश कुमार ने रामलाल चौधरी पर 6 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का केस दर्ज करवाया था। रामलाल ने 250 करोड़ रुपये के गबन के मामले से नरेश कुमार का नाम एफआईआर से हटवाने के नाम पर 6 करोड़ रुपये लिए थे। एसआईटी को इस मामले में रामलाल से पूछताछ करनी है। बता दें कि गुरुग्राम के बिजनेसमैन से पांच करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में रामलाल को गिरफ्तार किया गया है।
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बेटे-बेटी की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई 23 को
चंडीगढ़। गुरुग्राम के बिजनेसमैन से पांच करोड़ की ठगी के आरोपी रामलाल चौधरी के बेटे अमित और बेटी अंजू की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई 23 नवंबर को होगी। बीते 15 नवंबर को डॉ. रजनीश की अदालत ने संबंधित जांच अधिकारी को अगली सुनवाई पर न्यायालय में लिखित रूप से यह जानकारी देने को कहा था कि वर्तमान में इनकी कोई जमानत अर्जी उच्च न्यायालय या अन्य न्यायालय में लंबित तो नहीं है। वीरवार को पुलिस की तरफ से इस मामले में कोई जवाब दायर नहीं किया गया। अब 23 नवंबर को अगली सुनवाई होगी।
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