दो-दो फेरडेशन के चलते बाहर हुए खिलाड़ी
इस बार नेशनल खेल सात साल के बाद हो रहे हैं। पहले हरियाणा ओलंपिक संघ के बैनर तले राज्य की सभी खेल फेडरेशन होती थी। इस समय इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन के विवाद होने के चलते प्रदेश के अलग-अलग फेडरेशनों ने अपनी अपनी टीमें गुजरात भेज दी। प्रदेश में अलग-अलग खेलों की कई-कई फेडरेशन हैं।
इसको लेकर नेशनल अथॉरिटी ने साफ कर दिया कि वह उसी फेडरेशन के खिलाड़ियों को खेलने की इजाजत देंगे, जो संबंधित नेशनल फेडरेशन से अप्रूव्ड होगी। इसके अलावा, जो टीम हरियाणा ओलंपिक एसोसिएशन की ओर से भेजी गई थी, उनको नहीं खेलने दिया गया। इसी के चलते तीन टीमें बाहर हो गई।
इसमें हरियाणा सरकार का कोई रोल नहीं है। एक-एक खेल की कई-कई फेरडेशन बना रखी हैं। इसी के चलते खिलाड़ियों के साथ ऐसा हुआ है। फेडरेशनों का आपस में विवाद चल रहा है और अदालतों तक में केस हैं। हरियाणा सरकार हर वक्त खिलाड़ियों के साथ खड़ी है। मैं खुद खिलाड़ी हूं और मुख्यमंत्री मनोहर लाल खिलाड़ियों की चिंता करते हैं। खिलाड़ियों के साथ गलत न हो, इसके लिए फेडरेशनों को आपसी विवाद खत्म करने चाहिए। -संदीप सिंह, खेल राज्य मंत्री।