आज भी जब मुश्किलें आती हैं तो वह भगत सिंह की शहादत और उनके विचारों को याद कर मुश्किलों का मुकाबला करते हुए अपने क्षेत्र में विजय हासिल करते हैं। उन्होंने बताया कि उनके छात्र कला के क्षेत्र में राज्य व राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न प्रतियोगिताओं में नाम कमा चुके हैं। उन्होंने कला के माध्यम से छात्रों और समाज को पर्यावरण रक्षा और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागृत किया है।
अध्यापक राजन ने पंजाब के सीमांत इलाकों में हिंदी के प्रति बच्चों में पैदा किया रुझान
अध्यापक राजन को भी पंजाब सरकार ने स्टेट अवार्ड के लिए चुना है। राजन हिंदी भाषा के अध्यापक है। उन्होंने पंजाब के सीमांत गांवों के छात्रों के अंदर हिंदी के प्रति प्रेम व जज्बा पैदा करने का उल्लेखनीय काम किया है। राजन ने वर्ष 2006 में पंजाब के शिक्षा विभाग में अध्यापन शुरू किया था।
राजन कहते हैं कि आमतौर पर गांवों के बच्चे पंजाब में हिंदी की तरफ ध्यान नहीं देते हैं। यहां तक कि हिंदी को पढ़ना भी पसंद नहीं करते है। यही कारण है कि हिंदी भाषा में पढ़ाई करने वाले छात्रों की संख्या बहुत कम है। उन्होंने छात्रों को हिंदी भाषा को आसान ढंग से पढ़ाना शुरू किया। धीरे-धीरे छात्रों का झुकाव हिंदी में बढ़ाने लगा।
अब अधिक संख्या में छात्र हिंदी का चुनाव कर यहां अधिक अंक हासिल कर रहे है। वहीं अलग-अलग प्रतियोगिताओं में हिंदी में भाषण कला, कविता उच्चारण कला, हिंदी लेख लेखन आदि में जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर बढ़िया स्थान हासिल कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि रोचक तरीके अपनाकर हिंदी को पढ़ाया और छात्रों का रुझान हिंदी भाषा में बढ़ता गया। राजन ने अजमेर, हैदराबाद व एनसीईआरटी से हिंदी भाषा को रोचक ढंग से पढ़ाने की ट्रेनिंग हासिल की और बच्चों को उसके अनुसार पढ़ाया। परिणाम यह सामने आया कि स्कूल में अधिक से अधिक बच्चे हिंदी भाषा को अपना रहे हैं।
महक कपूर के छात्रों ने राष्ट्रीय फलक पर चमकाया नाम
गांव चब्बा के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल की विज्ञान विषय की अध्यापिका महक कपूर को भी स्टेट अवार्ड मिलेगा। करीब 11 वर्षों में राष्ट्रीय स्तर की विज्ञान प्रतियोगिताओं, नेशनल मेरिट और स्कॉलरशिप में महक कपूर ने करीब 100 छात्रों को तैयारी करवाकर सफलता दिलवाई है। महक कपूर ने 2011 में चब्बा स्कूल में ज्वाइनिंग की थी। उनके छात्रों ने राष्ट्रीय स्तर की विज्ञान प्रतियोगिताओं और विज्ञान मेलों में अलग-अलग तरह के आधुनिक प्रोजेक्ट डिस्पले कर राष्ट्रीय अवार्ड जीत चुके हैं।
विज्ञान विषय को आसान तरीके से छात्रों को पढ़ाना और रुचि पैदा करने में महक कपूर को विशेष महारत हासिल है। उनके छात्र हर वर्ष करीब 40 हजार रुपये तक की स्कॉलरशिप हासिल करते रहे हैं। महक कपूर ने बताया कि उनकी देखरेख में स्कूल में एक विज्ञान प्रयोगशाला तैयारी की है। सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले उनके एक छात्र को आईआईटी में दाखिला भी मिला है।